इसके उलट पेरीफेरी के इलाकों में मतदान का प्रतिशत अच्छा रहा। इन इलाकों के लगभग सभी बूथों में सुबह से लेकर शाम तक लाइनें लगी रहीं। शहर के सभी वीवीआईपी ने भी अपने परिवार के साथ मताधिकार का इस्तेमाल किया।
इनमें मुख्य रूप से पंजाब के गवर्नर व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, एडवाइजर मनोज कुमार परिदा, फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह, पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम सहित तमाम हस्तियां शामिल थीं।
पोलिंग पार्टियां भी स्ट्रांग रूम में देरी से पहुंचीं
चंडीगढ़ में कई बूथों में रात साढ़े आठ बजे तक मतदान जारी रहा। इनमें प्रमुख रूप से धनास और डड्डूमाजरा के बूथ शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक धनास के बूथ नंबर 59, 60, 61, 62, 63, 64, 65, 66 और डड्डूमाजरा के बूथ नंबर 43, 44, 45, 46, 47, 48 में मतदान रात तक जारी रहा। इस वजह से पोलिंग पार्टियां भी स्ट्रांग रूम में देरी से पहुंचीं। हालांकि इन बूथों पर शांतिपूर्ण मतदान हुआ। वहां से किसी भी झड़प की खबर नहीं आई।