इसे चंडीगढ़ प्रशासन की संवेदनहीनता कहें या भारी चूक कि सुसाइड केस में फंसे नगर निगम के अफसर को ही लोकसभा चुनाव में नोडल अधिकारी बनाया गया। उसे कुछ समय पहले ही निगम के एक कर्मचारी के सुसाइड मामले में परिजनों द्वारा जिम्मेदार ठहराया गया था। फिलहाल इस मामले की जांच पुलिस कर रही है, यह कहकर निगम अपना पल्ला झाड़ रहा है। निगम के अफसरों की अनदेखी के चलते पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।
बेसहारा हो चुका पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि यदि एमसी की ओर न्याय नहीं मिला तो वह लोकसभा चुनाव में नोडल अधिकारी बनाए गए, निगम के इस अधिकारी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत करेंगे। चंडीगढ़ में 19 मई को वोट डाले जाएंगे। इसके लिए प्रशासन की ओर से निर्वाचन कार्य के अधिकारियों के साथ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
इन्हीं में निगम के ज्वाइंट कमिश्नर तिलकराज भी शामिल हैं, जिनको नोडल अधिकारी बनाया है। कुछ समय पहले एक निगम कर्मचारी ने सुसाइड कर लिया था, जिसकी जेब में मिले सुसाइड नोट में निगम के अधिकारी तिलक राज को मौत का जिम्मेदार बताया गया था। मृतक जसपाल के बेटे गोकुल धामी का कहना है कि एमसी ने उन्हें न्याय देने का भरोसा दिया है।
यदि जल्द ही उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वह चुनाव आयोग में शिकायत करने के साथ ही प्रशासक से भी शिकायत करेंगे। इस संदर्भ में संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी अर्जुन शर्मा का कहना है कि पूरे मामले में निगम से जानकारी ली जाएगी। यदि जांच चल रही है तो मामला संगीन है। उनका कहना कि यदि आयोग को कोई शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।