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सुसाइड केस में फंसे अफसर को बनाया नोडल अधिकारी, पीड़ित के परिजन बोले- आयोग में करेंगे शिकायत

Thu, 18 Apr 2019 04:01 PM IST
खुशबू गोयल अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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इसे चंडीगढ़ प्रशासन की संवेदनहीनता कहें या भारी चूक कि सुसाइड केस में फंसे नगर निगम के अफसर को ही लोकसभा चुनाव में नोडल अधिकारी बनाया गया। उसे कुछ समय पहले ही निगम के एक कर्मचारी के सुसाइड मामले में परिजनों द्वारा जिम्मेदार ठहराया गया था। फिलहाल इस मामले की जांच पुलिस कर रही है, यह कहकर निगम अपना पल्ला झाड़ रहा है। निगम के अफसरों की अनदेखी के चलते पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।
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बेसहारा हो चुका पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि यदि एमसी की ओर न्याय नहीं मिला तो वह लोकसभा चुनाव में नोडल अधिकारी बनाए गए, निगम के इस अधिकारी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत करेंगे। चंडीगढ़ में 19 मई को वोट डाले जाएंगे। इसके लिए प्रशासन की ओर से निर्वाचन कार्य के अधिकारियों के साथ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

इन्हीं में निगम के ज्वाइंट कमिश्नर तिलकराज भी शामिल हैं, जिनको नोडल अधिकारी बनाया है। कुछ समय पहले एक निगम कर्मचारी ने सुसाइड कर लिया था, जिसकी जेब में मिले सुसाइड नोट में निगम के अधिकारी तिलक राज को मौत का जिम्मेदार बताया गया था। मृतक जसपाल के बेटे गोकुल धामी का कहना है कि एमसी ने उन्हें न्याय देने का भरोसा दिया है।
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यदि जल्द ही उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वह चुनाव आयोग में शिकायत करने के साथ ही प्रशासक से भी शिकायत करेंगे। इस संदर्भ में संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी अर्जुन शर्मा का कहना है कि पूरे मामले में निगम से जानकारी ली जाएगी। यदि जांच चल रही है तो मामला संगीन है। उनका कहना कि यदि आयोग को कोई शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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अब निगम झाड़ रहा पल्ला

निगम के कर्मचारी जसपाल के सुसाइड करने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया था। उस समय मामले को संभालने के लिए एमसी ने पूरे मामले में निष्पक्ष  जांच कराने की बात कही थी लेकिन अब निगम इससे मुकर रहा है। एमसी के एडिशनल कमिश्नर अनिल गर्ग का कहना है कि प्रकरण की जांच पुलिस कर रही है। इसमें निगम का कुछ नहीं कर सकता है।

ये है पूरा मामला
बीती 19 मार्च को सेक्टर-18 के सरकारी मकान में रहने वाले जसपाल ने ग्रिल से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में दो अफसरों को जिम्मेदार ठहराया गया था। बरामद सुसाइड नोट में लिखा था कि तिलकराज ज्वाइंट कमिश्नर और वेद प्रकाश हमको कड़ा तंग करते हैं और परेशान करते हैं। मृतक जसपाल की जेब से मिले सुसाइड नोट के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच करने में जुटी है। मृतक जसपाल निगम में बेलदार के पद पर कार्यरत थे। जसपाल मूल रूप से उत्तराखंड स्थित कुमाऊं के बागेश्वर के रहने वाले थे। पुलिस ने पूरे मामले में जांच पड़ताल करने में जुटी है।

मेरे खिलाफ हुई साजिश : तिलकराज
इस मामले में एमसी के ज्वाइंट कमिश्नर तिलकराज ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि मेरे खिलाफ साजिश रची गई है। सुसाइड नोट पर जो नाम लिखा गया है, उससे मेरा कोई मतलब नहीं है। लिखावट में भी काफी अंतर है।
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