सोशल मीडिया पर राजनीतिक घटनाक्रम रेगुलेट करने के लिए चुनाव आयोग ने सख्त दिशा निर्देश भी जारी किए। चंडीगढ़ निर्वाचन आयोग ने इसके लिए आईटी सेल बनाया है। इसका कार्यालय सेक्टर 17 में बनाया गया है। असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर स्तर के अधिकारी की देखरेख में यह सेल सक्रिय रहेगा। जानकारी के मुताबिक, इस टीम में आइटी विशेषज्ञ भी रखे गए हैं। जो राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर रखेंगे। उनकी तरफ से पोस्ट किए जाने वाले सभी तरह के कंटेंट को देखा जाएगा। इसका रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा।
कुछ इस तरह काम करेगा सेल
अफसर ने बताया कि इलेक्शन डिपार्टमेंट ने उम्मीदवारों के रोजाना खर्च पर नजर रखने के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त कर दिए हैं। ये नोडल ऑफिसर प्रत्याशी के रोजाना के खर्च की मॉनीटरिंग करेंगे। साथ ही बैंक अकाउंट पर भी नजर रखेंगे। चुनाव में काले धन का उपयोग रोकने के लिए इनको नियुक्त किया गया है।
प्रचार के लिए अनुमति लेनी होगी
अफसर ने बताया कि ट्विटर, फेसबुक, यू ट्यूब, विकिपीडिया जैसे सोशल मीडिया पर प्रचार सामग्री पोस्ट करने से पहले अब रिटर्निंग ऑफिसर से अनुमति लेनी होगी। सोशल मीडिया और वेबसाइट भी रेडियो, केबल टीवी की तरह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया है। इसके अलावा राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों से भी कहा गया है कि बगैर अनुमति के सोशल मीडिया का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए न करें।