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लोकसभा चुनाव 2019: कैप्टन अमरिंदर सिंह की चेतावनी पर मंत्रियों-विधायकों की कड़ी प्रतिक्रिया

Fri, 26 Apr 2019 12:50 PM IST
खुशबू गोयल हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अमरिंदर सिंह
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जो हारेगा, उसे कैबिनेट से निकाल दिया जाएगा। पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की इस चेतावनी पर मंत्रियों और विधायकों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। कांग्रेस आलाकमान की ओर से पंजाब में 13 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए सूबे के मंत्रियों और विधायकों को जिस तरह से चेतावनी भरी जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसकी पार्टी के भीतर कड़ी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है।
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कई सीटों पर प्रत्याशियों को लेकर नाराज चल रहे पार्टी के नेता तो इसे खुद पर शिकंजा मान रहे हैं। वहीं कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी प्रत्याशियों का साथ दे रहे नेता भी नाराज हो गए हैं। वीरवार को प्रदेश कांग्रेस के कुछ नेताओं और सक्रिय वर्करों ने नाम न छापने की शर्त पर आलाकमान के फरमान पर कई तरह के सवाल उठा दिए।

कुछ सीनियर नेताओं ने कहा कि ऐसा महसूस हो रहा है कि मंत्रियों-विधायकों संबंधी आदेश आलाकमान की तरफ से नहीं बल्कि खुद कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से जारी किया गया है। सीनियर नेता जो इस बार टिकट न मिलने से नाराज हैं, का कहना है कि अधिकतर सीटों पर कैप्टन ने अपनी पसंद के प्रत्याशियों को टिकट दिलाया हैं। इस मामले में न तो पार्टी प्रदेशाध्यक्ष की चली और न ही पार्टी प्रभारी की।
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इन नेताओं ने आरोप लगाया कि जब कैप्टन की पसंद के प्रत्याशी उतारे गए हैं तो कमजोर प्रत्याशी का जिम्मा भी उन्हें ही उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दरअसल कई सीटों पर कमजोर प्रत्याशी उतारे गए हैं, जिनकी जीत को लेकर कैप्टन चिंतित हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस प्रत्याशियों के बारे में राष्ट्रीय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठकों में कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ के बीच मतभेद सामने आते रहे थे। कई सीटों पर कैप्टन जिस प्रत्याशी के पक्ष में थे, जाखड़ उसका विरोध कर रहे थे।

लेकिन पार्टी सूत्रों का दावा है कि प्रत्याशी निर्धारण में आलाकमान ने कैप्टन की पसंद को ही तरजीह दी। इसके चलते आठ से अधिक सीटें जिनमें आनंदपुर साहिब, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, संगरूर, पटियाला, लुधियाना, होशियारपुर शामिल हैं, पर कैप्टन अपनी पसंद के नेताओं को टिकट दिलाने में सफल रहे। इस बीच, फतेहगढ़ साहिब और फरीदकोट सीट को लेकर वाल्मीकि समुदाय के पार्टी वर्करों द्वारा जताए गए विरोध को शांत करने के लिए कैप्टन ने बोर्ड-निगमों के चार चेयरमैन पद समुदाय को देने का भरोसा देकर मामला शांत कराया था।

इसके बाद, अन्य सीटों पर बागी नेताओं में भी चेयरमैनी की आस जाग गई थी। लेकिन बुधवार को आलाकमान द्वारा जारी किया गया फरमान कि जिस हलके में कांग्रेस प्रत्याशी कमजोर रहे या जीत से वंचित रहे, तो संबंधित हलके के कांग्रेस विधायक को अगले चुनाव में टिकट नहीं दी जाएगी। इसके अलावा संबंधित हलके से मंत्री बने नेता को पंजाब कैबिनेट से बाहर कर दिया जाएगा, बागी नेताओं को सख्त संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
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