इस बार भी मुकाबले के कडे़ होने के आसार नजर आ रहे हैं। नए सियासी दलों के चुनाव मैदान में आने से वोट विभाजन का दायरा बढ़ने की संभावना है। पिछले चुनाव में बठिंडा सीट से अकाली भाजपा गठबंधन की टिकट पर चुनाव लड़ने वाली केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, होशियारपुर से भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, पटियाला से आप के धर्मवीर गांधी और लुधियाना सीट से कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू कांटे की टक्कर में अपनी सीटें बचाने में सफल रहे थे।
बठिंडा सीट पर हरसिमरत कौर बादल का सीधा मुकाबला अपने देवर मनप्रीत सिंह बादल से था और वह 1.65 फीसदी के अंतर से चुनाव जीत पाई थीं। पटियाला से आप के धर्मवीर गांधी का मुकाबला कांग्रेस की परनीत कौर और अकाली दल के दीपइंदर सिंह के साथ था। त्रिकोणीय मुकाबले में धर्मवीर गांधी महज 1.87 फीसदी के अंतर से चुनाव जीते थे। होशियारपुर से विजय सांपला 1.41 फीसदी के अंतर से चुनाव जीते थे। उन्हें कांग्रेस के मोहिंदर सिंह से कड़ी चुनौती मिली थी।