हरियाणा हो या दिल्ली की सत्ता, उसमें दक्षिणी हरियाणा का सीधा दखल रहता है। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार हो या प्रदेश में मनोहर लाल की, दोनों ही एनसीआर के जिलों को नजरअंदाज नहीं कर पाए। इसे नेताओं का अपना रसूख कहें या क्षेत्र का हर लिहाज से बेहद अहम होना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में दक्षिण हरियाणा से दो और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की कैबिनेट में चार मंत्री हैं।
इन सबके पास अहम ओहदे हैं। मिशन-2019 के लिए गुरुग्राम और फरीदाबाद के अलावा एनसीआर के अन्य जिले भी राजनीतिक दलों के टॉप एजेंडे में हैं। भले ही केंद्र में गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत सिंह और फरीदाबाद से सांसद कृष्णपाल गुर्जर राज्य मंत्री ही रहे, लेकिन दोनों ने अपने-अपने क्षेत्र के लिए आवाज मजबूती के साथ बुलंद की।
चाहे स्मार्ट सिटी का मामला हो या फिर दक्षिण हरियाणा में एक बार फिर चौधर लाने का, भाजपा सांसद राव इंद्रजीत हर मंच से अपने क्षेत्र को सत्ता का केंद्र बिंदु बनाने की बात कहने से कभी नहीं चूकते। यही वजह है कि अहीरवाल में राव की तूती बोलती है।
गुरुग्राम के साथ ही राव भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र में भी खासा जनाधार रखते हैं। गैर जाट वर्ग में वह प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। यूपीए सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। उनके पिता राव वीरेंद्र सिंह सीएम व पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। राव इंद्रजीत प्रदेश में भी विधायक व मंत्री रहे। उनका सपना भी मुख्यमंत्री बनने का है। वह शुरू से भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विरोध की राजनीति करते रहे। 2014 में उन्होंने हुड्डा विरोध के चलते ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा और चौथी बार भी सांसद बने। राव इंद्रजीत इंसाफ मंच के लिए भी जाने जाते हैं, जिसके बैनर तले पूर्व कांग्रेस सरकार में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन चलाया गया।
कृष्णपाल गुर्जर ने केंद्र की राजनीति में जाने से पहले प्रदेश में भाजपा अध्यक्ष की कमान संभाली और विधायक भी रहे। मनोहर लाल सरकार में दक्षिणी हरियाणा से चार मंत्री हैं, जिनमें तीन कैबिनेट मंत्री रामबिलास शर्मा, राव नरबीर सिंह, विपुल गोयल और एक राज्य मंत्री बनवारी लाल हैं। पूर्व हुड्डा सरकार के समय भी गुरुग्राम से सुखबीर कटारिया और फरीदाबाद से महेंद्र प्रताप सिंह आदि मंत्री रहे हैं। इन दोनों जिलों को राष्ट्रीय राजधानी के साथ सटे होने का पूरा लाभ मिलता रहा है।
राव का गढ़ भेदना आसान नहीं, गुर्जर को कड़ी टक्कर दे सकती कांग्रेस
वर्तमान चुनाव में गुरुग्राम और फरीदाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की खास नजर है। भाजपा ने यहां से अपने वर्तमान सांसदों राव इंद्रजीत व कृष्णपाल गुर्जर को ही उतारा है, जबकि कांग्रेस ने अभी अपने उम्मीदवार तय नहीं किए हैं। फरीदाबाद से अवतार सिंह भड़ाना, करण दलाल व गुरुग्राम में कैप्टन अजय यादव कांग्रेस टिकट के प्रबल दावेदार हैं।
हालांकि, इनके लिए राव इंद्रजीत व कृष्णपाल गुर्जर को पटखनी देना आसान नहीं होगा। भड़ाना फरीदाबाद से पहले भी सांसद रह चुके हैं, इसलिए गुर्जर के सामने वह मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। लेकिन राव के अभेद दुर्ग को भेदना कैप्टन अजय यादव के लिए आसान नहीं है। राव के साथ ही हालांकि अजय यादव को अहीरवाल का बड़ा नेता माना जाता है। हालांकि, गुर्जर को इस बार फरीदाबाद संसदीय क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
दक्षिणी हरियाणा में अपनी पैठ बढ़ा रहे सीएम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल का फोकस उत्तर हरियाणा के साथ अब दक्षिण हरियाणा पर रहने वाला है। दक्षिण हरियाणा के दोनों केंद्रीय मंत्रियों के अपने राजनीतिक एजेंडे हैं। उनकी मनोहर कैबिनेट में दक्षिण का प्रतिनिधित्व कर रहे कई मंत्रियों के साथ नहीं बनती। मंत्री और कुछ विधायक राव इंद्रजीत के समर्थन में तो कुछ कृष्णपाल गुर्जर का हाथ पकड़े हुए हैं। बावजूद इसके फरीदाबाद में उद्योग मंत्री विपुल गोयल, गुरुग्राम में पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर, महेंद्रगढ़ इलाके में शिक्षा मंत्री प्रोफेसर रामविलास शर्मा का अपना अलग दबदबा है।
जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी राज्य मंत्री मनोहर कैबिनेट में राज्य मंत्री हैं, उनकी नजदीकियां राव इंद्रजीत से जगजाहिर हैं। उनसे पहले विक्रम सिंह ठेकेदार मनोहर कैबिनेट में मंत्री थे, वह भी राव के खासमखास थे। लोकसभा व विधानसभा चुनाव में पार्टी को इन नेताओं की अंतर्कलह का नुकसान न उठाना पड़े, इसलिए मुख्यमंत्री अपने विश्वासपात्र मंत्रियों को साथ लेकर दक्षिण में अपनी पैठ बढ़ा रहे हैं।
अहीरवाल से बिहार का खास नाता
अहीरवाल में अपनी बेटियों का रिश्ता जोड़ने में बिहार के नेता आगे हैं। कैप्टन अजय यादव के बेटे चिरंजीव राव लालू प्रसाद यादव के दामाद हैं। शरद यादव की बेटी सुहासिनी राव कमलबीर सिंह के पुत्र राजकमल राव की पत्नी हैं। कमलबीर सिंह वर्तमान वन मंत्री राव नरबीर सिंह के भतीजे हैं। कमलबीर के पर दादा राव रामजीलाल ब्रितानी सरकार में नालागढ़ एस्टेट के प्रधानमंत्री रहे। उनके दादा राव मोहर सिंह सांसद एवं पूर्व मंत्री रहे, पिता राव महाबीर सिंह भी मंत्री रहे। शरद यादव की ससुराल भी हरियाणा में ही है।
सीएम व पूर्व सीएम का शहर भी एनसीआर का ही हिस्सा
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के शहर करनाल और रोहतक भी एनसीआर का ही हिस्सा हैं। इनके अलावा पानीपत, जींद, सोनीपत, झज्जर, भिवानी, चरखी दादरी, गुरुग्राम, रेवाड़ी, मेवात, फरीदाबाद और पलवल एनसीआर में आते हैं। गुरुग्राम को मिलेनियम सिटी के साथ ही प्रदेश की आर्थिक राजधानी भी कहा जाता है।
गुरुग्राम, फरीदबाद, पलवल में भाजपा मजबूत कर रही अपनी जड़ें
फरीदाबाद एनआईटी से ललित नागर इनेलो के विधायक हैं। इनेलो से मोहभंग हो चुका है जबकि भाजपा के साथ नजदीकी है। बल्लभगढ़ मूल चंद शर्मा भाजपा विधायक हैं। पलवल से करण दलाल कांग्रेस विधायक हैं। हथीन से केहर सिंह इनेलो विधायक थे, भाजपा में शामिल होने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे चुके हैं। होडल से उदयभान कांग्रेस विधायक हैं। पृथला से टेकचंद शर्मा बसपा विधायक चुने गए। भाजपा से नजदीकियों के चलते बसपा से निलिंबित हैं।
बड़खल से सीमा त्रिखा भाजपा विधायक हैं, सीपीएस भी रह चुकी हैं। फरीदाबाद से विपुल गोयल भाजपा विधायक के साथ ही उद्योग मंत्री भी हैं। तिगांव से ललित नागर कांग्रेस विधायक हैं। गुुरुग्राम जिले के पटौदी से विमला चौधरी भाजपा विधायक हैं। बादशाहपुर से वन मंत्री राव नरवीर विधायक हैं। गुरुग्राम से उमेश अग्रवाल भाजपा विधायक हैं। सोहना से तेजपाल तंवर भाजपा विधायक हैं।