कांग्रेस पंजाब में फतेहगढ़ साहिब और फरीदकोट लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी नहीं बदलेगी, क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वाल्मीकि समुदाय को मना लिया है। यह संकेत मंगलवार को पंजाब कांग्रेस भवन में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश के वाल्मीकि संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक से निकलकर आए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इसके एवज में पार्टी ने वाल्मीकि समाज के दो नेताओं को बोर्ड-निगम में चेयरमैनी देने का फैसला लिया है। सेक्टर 15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में मंगलवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिनभर विभिन्न जिलों से पहुंचे विधायकों और पार्टी वर्करों के साथ बैठकें कीं। उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं व चुनाव में पार्टी के लिए काम करने को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधि विधायक राजकुमार वेरका के साथ कांग्रेस भवन पहुंचे थे।
दरअसल, वाल्मीकि समाज ने आपत्ति जताई थी कि प्रदेश की चार आरक्षित सीटों में से दो पर रविदास समुदाय के नेताओं के टिकट दिया गया। लेकिन अन्य दो सीटों पर वाल्मीकि समाज को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। यह मामला इतना गरमा गया था कि समाज के प्रतिनिधियों ने मामला पार्टी आलाकमान के समक्ष पहुंचा दिया।