इनेलो के राष्ट्रीय अधिवेशन में कर्ण चौटाला ने अपने दादा व पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला की चिट्ठी पढ़कर बूथ स्तर तक के पार्टी पदाधिकारियों से राय जानी कि क्या अब हरा और भगवा (इनेलो और भाजपा) रंग को एक कर दिया जाए? इस पर पदाधिकारियों ने ओपी चौटाला के नाम का नारा लगाते हुए तालियां बजाकर समर्थन दे दिया। उधर, देर शाम भाजपा ने प्रदेश में किसी भी प्रकार के गठबंधन से इनकार कर दिया। भाजपा का कहना है कि वह अकेले दम पर प्रदेश की दसों सीटें जीतने में सक्षम है।
वहीं पार्टी पदाधिकारियों का जोरदार समर्थन मिलने के बाद कर्ण चौटाला ने कहा कि अगर आप सहमत हैं तो दादा इसे एक कर देंगे, इसकी चिंता न करें। ओपी चौटाला का संदेश पढ़ते हुए कर्ण ने कहा कि भगवान राम ने भी 14 वर्ष का वनवास काटा था, मगर आपने तो 15 वर्ष का वनवास काट लिया। अब आपका रामराज्य लाकर दिया जाएगा। कर्ण ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यकर्ताओं की तारीफ की। कर्ण ने कहा कि आप जैसे मेहनती कार्यकर्ताओं की वजह से पार्टी मजबूती से खड़ी है। यह अहसान न कभी मैं भूला पाऊंगा और न ही परिवार को भूलने दूंगा।