वीडियो में बताया गया कि श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा से लेकर भारतीय सीमा तक एक किमी लंबी सड़क बनाने के लिए मिट्टी डालने का काम पूरा कर लिया गया है। रावी नदी के ऊपर बनाए जाने वाले पुल का काम जब पूरा होगा, तब इस सड़क में बजरी और तारकोल डालने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
सड़क का निर्माण भी 31 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। पाकिस्तान सीमा के साथ बनाए जाने वाले टर्मिनल का काम 31 जुलाई तक पूरा होगा। पाकिस्तान सरकार की ओर से गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब से लेकर बॉर्डर व सरायों तक कुल 6.42 किमी लंबे रास्ते का निर्माण किया जाना है।
पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे निर्माण कार्य और भारत की ओर से शुरू किए जाने वाले निर्माण कार्यों की जानकारी देने के लिए दोनों देशों के विशेषज्ञ 19 मार्च को डेरा बाबा नानक में मिलकर एक दूसरे से जानकारी साझा करेंगे। 14 मार्च की बैठक में भारत द्वारा दिए गए सुझावों पर भी चर्चा की जानी है।
गौरतलब है कि 14 मार्च को अटारी सीमा पर स्थित आईसीपी में भारत-पाकिस्तान अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। इसमें दावा किया गया था कि 30 सितंबर तक करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। अब तक भारत की तरफ से काम शुरू नहीं किया गया है। जहां कॉरिडोर का निर्माण किया जाना है, वहां अभी जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 28 नवंबर 2018 को करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण का नींव पत्थर रखा था। भारत की तरफ से 26 नवंबर 2018 को नींव पत्थर रखा गया था।