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नेहरू ने किया था उद्धाटन, आज सियासी मुद्दे तक सिमटी एचएमटी, अब यहां बन सकती सेब की मंडी

Tue, 07 May 2019 11:39 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट - फोटो : फाइल फोटो
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जवाहर लाल नेहरू ने 1963 में जिस हैवी इंडस्ट्री एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट का उद्धाटन किया था। उस इंडस्ट्री को पुनर्जीवित करने का मामला सिर्फ और सिर्फ सियासी मुद्दा बनकर रह गया है। 846 एकड़ में बनी हरियाणा की प्रमुख हैवी इंडस्ट्री एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट का मुद्दा एक बार फिर सियासी फिजां में उछल गया है। पिछले डेढ़ दशक से इस एचएमटी प्लांट पर सिर्फ और सिर्फ राजनीति ही हो रही है। मगर आज तक न तो एचएमटी को संजीवनी मिली और न ही इसके दिन बहुरे। यहां काम करने वाले काफी कर्मचारियों का रोजगार भी छीन चुका है।
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अब हरियाणा सरकार इस प्लांट की कुछ हिस्से पर सेब मंडी बनाना चाहती है और इस संबंध में योजना भी पूरी तरह तैयार कर ली गई है। अंबाला संसदीय क्षेत्र के पिंजौर इलाके में बने इस एचएमटी प्लांट के मुद्दे को कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने फिर उछाल दिया है। इस मसले को लेकर सैलजा मौजूदा सांसद एवं भाजपा प्रत्याशी रतनलाल कटारिया को निशाने पर लेते हुए केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर कटाक्ष कर रही हैं।

सैलजा खुले मंच पर अपनी जनसभाओं में जोरो-शोरों पर इस मामले को उठाते हुए कह रही हैं कि एचएमटी की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए वह 2013 में जब सांसद थीं, तो केंद्र सरकार से 1083 करोड़ का पैकेज इस इंडस्ट्री के लिए लेकर आई थीं। मगर वर्ष 2014 में  भाजपा सरकार आने के बाद इस मामले में आगे कोई काम नहीं बढ़ पाया। जिस वजह से यह प्रमुख हैवी इंडस्ट्री फिर से जीवित नहीं हो पाई और अब प्रदेश सरकार यहां सेब मंडी बनाने जा रही है।
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भाजपा प्रत्याशी ने बनाई मुद्दे से दूरी

दूसरी ओर, भाजपा प्रत्याशी रतनलाल कटारिया फिलहाल इस मुद्दे से दूरी बनाए हुए हैं। कटारिया का कहना है कि वह पूरा प्रयास कर रहे हैं कि अंबाला संसदीय क्षेत्र को पिछड़ा औद्योगिक क्षेत्र घोषित करवाया जाए, ताकि इस क्षेत्र की इंडस्ट्री को केंद्र की ओर विशेष आर्थिक पैकेज मिले। जिससे यहां उद्योग को और मजबूती मिले। उधर, एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक व पूर्व चेयरमैन विजय बंसल ने बताया कि बिना किसी भविष्य योजना के एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट को बंद करने का काम बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

उनके अनुसार समिति ने मेक इन इंडिया का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर इस प्लांट को फिर शुरू करवाने की मांग की थी। मगर अभी तक कुछ नहीं हुआ। उल्लेखनीय है कि 23 अक्तूबर 1963 को संयुक्त पंजाब के मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों की मौजूदगी में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इस प्लांट का उद्धाटन किया था। पंजाब सरकार ने इस हैवी इंडस्ट्री को लगाने के लिए 846 एकड़ जमीन दी थी।

 
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