जवाहर लाल नेहरू ने 1963 में जिस हैवी इंडस्ट्री एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट का उद्धाटन किया था। उस इंडस्ट्री को पुनर्जीवित करने का मामला सिर्फ और सिर्फ सियासी मुद्दा बनकर रह गया है। 846 एकड़ में बनी हरियाणा की प्रमुख हैवी इंडस्ट्री एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट का मुद्दा एक बार फिर सियासी फिजां में उछल गया है। पिछले डेढ़ दशक से इस एचएमटी प्लांट पर सिर्फ और सिर्फ राजनीति ही हो रही है। मगर आज तक न तो एचएमटी को संजीवनी मिली और न ही इसके दिन बहुरे। यहां काम करने वाले काफी कर्मचारियों का रोजगार भी छीन चुका है।
अब हरियाणा सरकार इस प्लांट की कुछ हिस्से पर सेब मंडी बनाना चाहती है और इस संबंध में योजना भी पूरी तरह तैयार कर ली गई है। अंबाला संसदीय क्षेत्र के पिंजौर इलाके में बने इस एचएमटी प्लांट के मुद्दे को कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने फिर उछाल दिया है। इस मसले को लेकर सैलजा मौजूदा सांसद एवं भाजपा प्रत्याशी रतनलाल कटारिया को निशाने पर लेते हुए केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर कटाक्ष कर रही हैं।
सैलजा खुले मंच पर अपनी जनसभाओं में जोरो-शोरों पर इस मामले को उठाते हुए कह रही हैं कि एचएमटी की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए वह 2013 में जब सांसद थीं, तो केंद्र सरकार से 1083 करोड़ का पैकेज इस इंडस्ट्री के लिए लेकर आई थीं। मगर वर्ष 2014 में भाजपा सरकार आने के बाद इस मामले में आगे कोई काम नहीं बढ़ पाया। जिस वजह से यह प्रमुख हैवी इंडस्ट्री फिर से जीवित नहीं हो पाई और अब प्रदेश सरकार यहां सेब मंडी बनाने जा रही है।