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लोकसभा चुनाव 2019: टिकटों में ‘हक’ पाने के लिए राहुल दरबार में महिला कांग्रेस, भाजपा में 90 दावेदार

Sun, 17 Mar 2019 11:57 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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हरियाणा प्रदेश में बड़े सियासी दल बहुत कम महिला प्रत्याशियों पर दांव खेलते हैं। ऐसा नहीं है कि राज्य की महिला नेताओं में नेतृत्व क्षमता नहीं है, बल्कि वजह कुछ और ही है। सच्चाई तो यह है कि सूबे की महिलाएं टिकट की रेस में लाबिंग की राजनीति में पिछड़ जाती है और फिर चुनाव लड़ने की दौड़ से बाहर हो जाती हैं। कोई दल टिकट न दे तो वे मजबूरन बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव लड़ती है।
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लेकिन इस बार आम चुनाव में हरियाणा प्रदेश महिला मोर्चा ने राहुल गांधी से टिकट वितरण में 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग करते हुए तीन सीटों कुरुक्षेत्र, करनाल और सोनीपत पर अपनी दावेदारी जताई है। इन सीटों पर कांग्रेस महिला मोर्चा ने पांच नामों का पैनल तैयार करके हाईकमान को भेज दिया है। पैनल में सोनीपत की सीट से जिला परिषद सदस्य वीना देसवाल और स्टेट बॉडी की एडमिन इंचार्ज वीना राठी ने टिकट के लिए दावेदारी ठोकी है।

करनाल सीट से महिला मोर्चा की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुधा भारद्वाज और महिला नेत्री राज गौतम टिकट की तलबगार हैं। जबकि कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से पूर्व मंत्री निर्मल सिंह की बेटी चित्रा सरवारा टिकट मांग रही हैं। चित्रा सरवारा अंबाला की हैं और पूर्व पार्षद हैं। उधर, भाजपा की टिकट से भी कई महिलाएं इस बार चुनाव लड़ने की इच्छुक है। सूबे की सभी 10 लोकसभा सीटों पर महिलाओं ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
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इसके लिए हरियाणा भाजपा महिला प्रकोष्ठ के पास करीब 90 महिलाओं के आवेदन आ चुके हैं। इन आवेदनों में भाजपा नेत्रियों से लेकर महिला कार्यकर्ता शामिल हैं।
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हरियाणा से सिर्फ 68 महिलाओं ने लड़ा चुनाव

हरियाणा बनने के बाद पहला लोकसभा चुनाव 1967 में हुआ था। पूरे प्रदेश में सिर्फ 1 महिला प्रत्याशी पी. वती ने अंबाला से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था। वर्ष 1971 के चुनाव में किसी महिला को टिकट नहीं मिली। वर्ष 1977 में 2 महिलाओं, 1980 में 5, 1984 में 9, 1989 में 3, 1991 में 6, 1996 में 9, 1998 में 6, 1999 में 3, वर्ष 2004 में 8, 2009 में 13 व वर्ष 2014 के आम चुनाव में 3 महिलाओं ने चुनाव लड़ा था। लेकिन हैरत की बात यह कि इनमें से अधिकतर महिलाओं ने आजाद प्रत्याशी के रूप में ही चुनाव लड़ा।

यदि किसी भी दल की मंशा महिलाओं के अनुरूप है तो उसे महिलाओं को चुनाव मैदान में जरूर उतारना चाहिए। मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से आधी आबादी को पूरा हक देने की मांग की है। तीन सीटों पर पांच नामों का पैनल हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव के पास पहुंच चुका है। मैं खुद के लिए टिकट नहीं मांग रही, लेकिन कांग्रेस हाईकमान को कम से कम 3 टिकट जरूर महिलाओं को देने चाहिए।
- सुमित्रा चौहान, अध्यक्ष, हरियाणा कांग्रेस महिला मोर्चा

भाजपा महिलाओं के प्रति साकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रही है। इसी का नतीजा है कि दस सीटों पर अभी तक 90 से अधिक महिला दावेदारों ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। आवेदन अभी भी आ रहे हैं। अंतिम फैसला प्रदेश चुनाव समिति के बाद हाईकमान ने करना है। लेकिन मैं महिलाओं को टिकट दिलवाने की पूरी पैरवी करूंगी।
- निर्मल बैरागी, अध्यक्ष, हरियाणा भाजपा महिला प्रकोष्ठ
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