पार्टी सूत्रों के अनुसार, लोकसभा चुनाव नतीजों को लेकर पार्टी आलाकमान की हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि अध्यक्ष राहुल गांधी और विभिन्न राज्यों के पार्टी नेताओं के बीच तालमेल बिठाने वाली टीम का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। यह टीम न तो पार्टी अध्यक्ष तक राज्यों के नेताओं की पूरी बात पहुंचा सकी और न ही राज्य इकाइयों तक आलाकमान से पूरा फीडबैक पहुंचा।
यह भी देखा गया कि कई मामलों में राज्यों के नेता पार्टी अध्यक्ष तक पहुंच ही नहीं बना सके। संवादहीनता की इस स्थिति को राहुल गांधी ने गंभीरता से लेते हुए पार्टी में अध्यक्ष मंडल बनाने का सुझाव दिया है। वहीं, अब तक जो टीम पार्टी अध्यक्ष और अन्य नेताओं के बीच तालमेल का जिम्मा संभाल रही थी, उसकी जगह ऐसे सीनियर नेताओं को दी जाएगी, जो राहुल को संगठन से जुड़े मसलों के साथ-साथ सियासी गतिविधियों में उनकी सक्रियता बढ़ाने के लिए भी सुझाव देंगे।
हालांकि, यह साफ नहीं हो सका है कि नई टीम में किन नेताओं को शामिल किया जाएगा। अब तक यह काम केसी वेणुगोपाल, अहमद पटेल और रणदीप सुरजेवाला संभाल रहे थे।