चंडीगढ़ आवाज पार्टी के उम्मीदवार अविनाश सिंह शर्मा ने बहुत कम समय में शोषित और पीड़ितों की आवाज बनकर एक अलग पहचान बनाई है। उनका दावा है कि वे 36 सालों से देश के अलग-अलग हिस्सों में सोशल वर्क कर रहे हैं। भड़काऊ भाषण का मुद्दा हो या झारखंड आंदोलन। स्ट्रीट वेंडर को उजड़ने से बचाने या डॉग बाइट का मुद्दा, अधिकतर मामलों को वे अदालत के दरवाजे पर लेकर गए। पीड़ितों को न्याय दिलाने की कोशिश की। वे पहली बार चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। शनिवार को उन्होंने अपनी उम्मीदवारी, शहर के मुद्दे और अपनी जीत के समीकरण पर विस्तार से बात की।
सोशल वर्क से चुनाव लड़ने का फैसला क्यों लिया ?
चंडीगढ़ की जनता के दबाव के आगे मुझे झुकना पड़ा। यहां के पीड़ित और शोषित चाहते हैं कि उनकी भी एक आवाज बने। कांग्रेस और बीजेपी ने सिर्फ धोखा दिया है। इतने सालों से चंडीगढ़ में हैं, लेकिन एक भी समस्या आज तक हल नहीं हो पाई।
कांग्रेस-भाजपा को कैसे चुनौती दे पाएंगे ?
मैने जमीन पर काम किया है। दिखावा नहीं। लोग दिल से जुड़े हैं। स्ट्रीट वेंडर, झुग्गी वाले, हाउसिंग बोर्ड, पेरीफेरी एक्ट से जूझ रहे निवासियों को राहत दिलाई है। इन लोगों के सपोर्ट की वजह से ही आज पार्टी का चुनाव सबसे आगे है। भाजपा व कांग्रेस कहीं भी नहीं है। वे सब हवा-हवाई बात करते हैं।
भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवारों के बारे में क्या कहना है?
किरण खेर उम्मीदवार नहीं बल्कि एक्टर हैं। उनके अंदर संवेदना नाम की कोई चीज नहीं है। पवन बंसल भी आम आदमी की तकलीफ नहीं समझते। धवन के बारे में मैं कुछ नहीं बोलना चाहता। धवन अपनी पार्टी के नहीं हुए तो जनता के कैसे हो पाएंगे।
चुनाव जीतते हैं तो सबसे पहले क्या काम करेंगे?
पब्लिक पार्लियामेंट का गठन करेंगे। पब्लिक आडिट सिस्टम विकसित करेंगे। चंडीगढ़ में खूब भ्रष्टाचार है। रिटायर्ड अधिकारी शहर की योजनाओं की अपने स्तर पर जांच करेंगे। वे मेरे कामों का भी आकलन करेंगे और उसकी रिपोर्ट भी मीडिया में आएगी। ताकि जनता को पता चल सके कि मैंने क्या किया और अधिकारियों ने क्या काम किया। 30 महीने में यदि मैं काम नहीं कर पाया तो मैं कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार रहूंगा।
लेकिन सरकार तो किसी और की होगी, तब विकास कैसे करवा पाएंगे?
काम करवाने का जज्बा होना चाहिए। किरण खेर की तो सरकार केंद्र में थी। उन्होंने कौन सा काम करवा दिया। उल्टा शहर गर्त में चला गया। जो मैंने वादे किए हैं, मैं हर हाल में उसे पूरा करके रहूंगा।
ट्रैफिक एक बड़ा मुद्दा है। आपके पास क्या साल्यूशन है?
ट्रैफिक एक्सपर्ट की मदद से मैं इसे प्राथमिकता के तौर पर हल करवाउंगा। ट्रैफिक की समस्या के बारे में कई साल पहले सोचना चाहिए था लेकिन कांग्रेस व बीजेपी ने कुछ नहीं किया।
आपके खिलाफ धारा 144 तोड़ने का आरोप है ?
मेरी साफ सुथरी छवि है। कुछ लोगों ने मुझे बदनाम करने की भी कोशिश की। लाल डोरा के मामले में मैंने लोगों की आवाज बुलंद की थी तो प्रशासन ने धारा 144 को तोड़ने का आरोप लगाया।
भाजपा-कांग्रेस वाले स्टार लेकर आ रहे हैं, आप उनका मुकाबला कैसे करेंगे?
जिस तरह से सेना अपने गोला-बारूद के बारे में नहीं बताती है ठीक उसी तरह से मेरे पीछे कई रिटायर्ड अफसरों की फौज खड़ी है। वे मेरे लिए वोट मांगते हैं और डोर टू डोर प्रचार करते हैं। मेरे स्टार प्रचारक यही रिटायर्ड आईएएस अफसर और आम आदमी हैं।