कुरुक्षेत्र के चुनावी रण में इस बार मुकाबला रोचक होगा। नवीन जिंदल द्वारा खुद को अलग करने के बाद सभी को रण आसान लग रहा है, लेकिन मुकाबला टक्कर का है। भले ही यहां से अर्जुन चौटाला, नायब सिंह सैनी और निर्मल सिंह लड़ रहे हैं, लेकिन यहां प्रतिष्ठा की लड़ाई अभय चौटाला, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच है। भाजपा यहां गीता जयंती को लेकर लंबा चौड़ा आयोजन कर चुकी है। हुड्डा के करीबी नवीन जिंदल इस सीट से जीतते आए हैं।
अभय सिंह चौटाला ने करीब 15 साल पहले 2004 में यहां से खुद लोकसभा का चुनाव लड़ा था। अब उन्होंने अपने बेटे की लॉन्चिंग करके विरोधियों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। निशानेबाजी में माहिर अर्जुन चौटाला को खेतीबाड़ी पसंद है। इनेलो ने अर्जुन पर दांव खेलकर अपने राजनीतिक विरोधियों को चुनौती देने के साथ ही अपने भतीजों दुष्यंत व दिग्विजय के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है। नवीन जिंदल के न लड़ने के कारण जो भी रहे हों, लेकिन कुरुक्षेत्र की वैतरणी पार करना आसान नहीं है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यहां से अपने खास सिपहसलार नायब सिंह सैनी को उतारा है। दूसरे छोर पर इनेलो के अर्जुन चौटाला। हुड्डा के खास कांग्रेस के निर्मल सिंह अपना क्षेत्र छोड़ कर कुरुक्षेत्र से ताल ठोक रहे हैं। इसके अलावा जय भगवान शर्मा यहां से जजपा और आप गठबंधन के प्रत्याशी हैं।