पंजाब में इस बार का चुनाव कई मायनों में अलग होगा। अब तक आमने-सामने या तिकोने मुकाबले ही होते रहे हैं, लेकिन इस बार पार्टियों का गठबंधन टूटने से मुकाबला चौकोना और कहीं-कहीं बहुकोणीय हो गया है। शिअद-भाजपा के अलावा बहुजन समाज पार्टी ने भी शिअद से अपना नाता तोड़ लिया और इस बार बसपा अकेले चुनाव मैदान में उतर गई।
आम आदमी पार्टी दूसरे राज्यों में तो इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है, लेकिन पंजाब में दोनों एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे हैं। इस सब के साथ ही पंजाब में पुराने धुरंधर भी चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मौजूदा आठ सांसद प्रदेश से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार उनकी राह आसान नहीं है, क्योंकि मुकाबला कड़ा होने के चलते चुनौती भी दोगुनी बढ़ गई है।
लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी व शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब की सभी 13 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने 12 व भाजपा ने 9 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। शिरोमणि अकाली दल ने बठिंडा से हरसिमरत कौर बादल को चौथी बार चुनाव मैदान में उतारा है।
कांग्रेस ने भी अपनी दो मौजूदा सांसदों को उम्मीदवार बनाया है, जिसमें अमृतसर से गुरजीत सिंह औजला और फतेहगढ़ साहिब से डॉ. अमर सिंह शामिल हैं। इसी तरह भाजपा ने लुधियाना से मौजूदा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, जालंधर से सुशील रिंकू, पटियाला से परनीत कौर और फरीदकोट से हंस राज हंस को अपना प्रत्याशी बनाया है।
Lok Sabha Election 2024
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब में इस बार का चुनाव कई मायनों में अलग होगा। अब तक आमने-सामने या तिकोने मुकाबले ही होते रहे हैं, लेकिन इस बार पार्टियों का गठबंधन टूटने से मुकाबला चौकोना और कहीं-कहीं बहुकोणीय हो गया है। शिअद-भाजपा के अलावा बहुजन समाज पार्टी ने भी शिअद से अपना नाता तोड़ लिया और इस बार बसपा अकेले चुनाव मैदान में उतर गई।
आम आदमी पार्टी दूसरे राज्यों में तो इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है, लेकिन पंजाब में दोनों एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे हैं। इस सब के साथ ही पंजाब में पुराने धुरंधर भी चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मौजूदा आठ सांसद प्रदेश से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार उनकी राह आसान नहीं है, क्योंकि मुकाबला कड़ा होने के चलते चुनौती भी दोगुनी बढ़ गई है।
लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी व शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब की सभी 13 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने 12 व भाजपा ने 9 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। शिरोमणि अकाली दल ने बठिंडा से हरसिमरत कौर बादल को चौथी बार चुनाव मैदान में उतारा है।
कांग्रेस ने भी अपनी दो मौजूदा सांसदों को उम्मीदवार बनाया है, जिसमें अमृतसर से गुरजीत सिंह औजला और फतेहगढ़ साहिब से डॉ. अमर सिंह शामिल हैं। इसी तरह भाजपा ने लुधियाना से मौजूदा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, जालंधर से सुशील रिंकू, पटियाला से परनीत कौर और फरीदकोट से हंस राज हंस को अपना प्रत्याशी बनाया है।
बिट्टू, परनीत कांग्रेस व रिंकू आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। इसी तरह शिरोमणि अकाली दल अमृतसर ने संगरूर सीट पर सिमरनजीत सिंह मान पर भरोसा जताया है। दिल्ली की उत्तर पश्चिम सीट से सांसद हंस राज हंस को फरीदकोट से भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है।
फरीदकोट में उनके सामने आप ने कॉमेडियन व फिल्म अभिनेता कर्मजीत अनमोल, शिअद ने तीन बार के विधायक राजविंदर सिंह, कांग्रेस ने अमरजीत कौर को चुनाव मैदान में उतारा है, जिसके चलते इस सीट पर मुकाबला तगड़ा हो गया है। फरीदकोट में हंस राज हंस समेत अन्य प्रत्याशियों को किसानों के भारी विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है।
यही कारण है कि इस बार उनके लिए राह आसान नहीं होने वाली है। लुधियाना में कांग्रेस छोड़कर पार्टी में रवनीत बिट्टू को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। बिट्टू के सामने इस सीट पर कांग्रेस पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग चुनाव लड़ रहे हैं। वड़िंग खुद कह चुके हैं कि इस बार उनका मुकाबला दलबदलुओं से हैं। यहां तक कि कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने लुधियाना में किराए पर कोठी भी ले ली है।
वह कह रहे हैं कि इस चुनाव में बिट्टू के खिलाफ प्रचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। शिअद ने लुधियाना से पूर्व विधायक रणजीत सिंह और आप ने लुधियाना सेंट्रल से विधायक अशोक पप्पी पराशर को अपना उम्मीदवार बनाया है। जिस तरह के समीकरण बन रहे हैं, उससे साफ है कि बिट्टू के लिए यह चुनाव आसान नहीं होने वाला है।
पटियाला में गांधी, शर्मा व मंत्री बलबीर के उतरने से बढ़ी परनीत की चुनौती
पटियाला में भाजपा ने कांग्रेस छोड़कर पार्टी में आई कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर को अपना प्रत्याशी बनाया है। यहां कांग्रेस ने पूर्व सांसद धर्मवीर गांधी, आप ने कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह और शिअद ने एनके शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है।
- यही कारण है कि इस सीट पर भी मुकाबला रोचक होने जा रहा है। दूसरा किसानों की तरफ से पहले ही उम्मीदवारों का कड़ा विरोध किया जा रहा है और अपनी मांगों पर उनसे जवाब मांगा जा रहा है। इससे भी परनीत कौर की परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि उनको अपना प्रचार अभियान तेज करने में भारी जद्दोजहद का सामना करना पड़ रहा है।
- वहीं, तीन बार की सांसद हरसिमरत कौर बादल बठिंडा में चौथी बार जीत दर्ज करने के लिए चुनाव मैदान में उतरी हैं। बठिंडा शिअद का गढ़ रहा है, लेकिन ताजा हालात में उनको कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ सकता है।
- आप ने कैबिनेट मंत्री सिंह खुड्डियां, भाजपा ने पूर्व आईएएस परमपाल कौर सिद्धू और कांग्रेस ने जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू को इस सीट पर चुनाव मैदान में उतारा है, इसलिए यहां पर भी मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है।
अमृतसर से औजला के सामने मंत्री धालीवाल, पूर्व मंत्री जोशी व डॉ. तरनजीत
लगातार दो बार अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला को इस सीट पर आम आदमी पार्टी से कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल, शिरोमणि अकाली दल से पूर्व मंत्री अनिल जोशी और भाजपा प्रत्याशी अमेरिका के पूर्व भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह चुनौती दे रहे हैं। औजला के सामने एक मौजूदा मंत्री, दूसरे पूर्व मंत्री और ब्यूरोक्रेट के चुनाव लड़ने से इस सीट पर मुकाबला कड़ा हो गया है। इसी तरह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए मौजूदा सांसद सुशील रिंकू की सीट जालंधर में भी इस बार लड़ाई दिलचस्प है। कांग्रेस ने इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव मैदान में उतार दिया है। शिअद ने पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी और आप ने पूर्व विधायक पवन टीनू को अपना प्रत्याशी बनाया है।
फतेहगढ़ सीट पर कांग्रेस के डॉ. अमर शिअद के बिक्रमजीत, आप के जीपी ठोक रहे ताल
फतेहगढ़ साहिब सीट पर कांग्रेस के मौजूदा सांसद डॉ. अमर सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर पिछले चुनाव में उन्होंने शिअद प्रत्याशी दरबारा सिंह को हराकर 93,898 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इस बार उनका मुकाबला आप प्रत्याशी पूर्व विधायक गुरप्रीत सिंह जीपी और शिअद के बिक्रमजीत सिंह के साथ होगा। भाजपा ने फिलहाल यहां से अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इसी तरह संगरूर सीट पर मौजूदा सांसद सिमरनजीत सिंह मान के लिए भी यह चुनाव कड़ी परीक्षा साबित होने वाला है। वर्ष 2022 उपचुनाव में वह जीत दर्ज करके सांसद बने थे। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस के सुखपाल सिंह खैरा, आप के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत, शिअद प्रत्याशी पूर्व विधायक इकबाल सिंह से होने जा रहा है। भाजपा ने फिलहाल इस सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है।