कुरुक्षेत्र के पिपली से सटे गांव किशनपुरा के रोशन लाल कश्यप (55) लोकतंत्र के महापर्व में भागीदार बनने के लिए रविवार की सुबह नौ बजे बड़े उत्साह के साथ घर से निकले। लोकतंत्र के सजग प्रहरी की भूमिका का निर्वाह करते हुए अपने गांव के पोलिंग बूथ संख्या- 176 में कतार में खड़े होकर काफी देर तक इंतजार भी किया।
इसके बाद अपना नंबर आने पर उन्होंने मतदान किया। ईवीएम का बटन दबाने के चंद पलों के भीतर ही वो बेसुध होकर वहीं गिर पड़े। मतदानकर्मियों ने जब उनकी नब्ज टटोली तो पता चला कि वो दुनिया छोड़ चुके हैं।
रोशनलाल के चचेरे भाई नवीन कुमार ने बताया कि रोशनलाल तीन भाइयों से सबसे छोटा था। परिवार का पूरा जिम्मा रोशनलाल के कंधों पर ही था। रोशनलाल और उसकी पत्नी पुष्पा दिहाड़ी मजदूरी करके घर का भरण पोषण करते थे। उसका पुत्र रवि (23) अभी बेरोजगार है जबकि दो बेटियों का विवाह हो चुका है।
नवीन का कहना है कि पोलिंग बूथ पर रोशनलाल के बेहोश होने के बाद परिजनों को सूचना नहीं दी गई। जो एंबुलेंस बुलाई गई थी, उसमें रोशनलाल को अकेले स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया था। रोशनलाल को इससे पहले कभी भी दिल का दौरा नहीं पड़ा था।
वहीं मतदान कर्मियों ने आनन-फानन में एंबुलेंस सेवा को फोन किया गया। जहां से सरकारी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि चिकित्सकों के अनुसार रोशनलाल की मौत हार्ट अटैक से हुई है।