शेरगिल ने हाईकोर्ट में इस अपील के खिलाफ याचिका दायर की और उसे चुनाव लड़ने की इजाजत मांगी है। जानकारी के अनुसार याचिका में शेरगिल के वकील ने कहा कि उन्होंने संबंधित चुनाव दफ्तर में खर्चे संबंधी सभी ब्योरे जमा करवा दिए थे, हो सकता है कि आयोग के पास ब्योरा न पहुंचा हो। इस सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 2 मई को निश्चित की है।
मंगलवार को 11 बजे चुनाव अधिकारी सुमित जारंगल द्वारा नामांकन पत्रों की पड़ताल शुरू की गई जिस दौरान उन्होंने नरिंदर सिंह शेरगिल के नामांकन पत्रों में कमी निकाली। इसके तुरंत बाद शेरगिल इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चले गए। अब चुनाव अधिकारी द्वारा 2 मई को 11 बजे तक नामांकन पत्रों की पड़ताल की जाएगी जिसके बाद ही शेरगिल के नामांकन पर फैसला होगा कि वह चुनाव लड़ेंगे या नहीं।
अगर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी नरिंदर सिंह शेरगिल के नामांकन पत्र रद्द होते हैं तो उनके पिता भजन सिंह शेरगिल कवरिंग प्रत्याशी हैं और वही आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी होंगे।