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आयकर अधिकारी की नौकरी छोड़ थामा था बीजेपी का दामन, अब यहां से मिली टिकट, पति भी हैं अधिकारी

Sun, 07 Apr 2019 10:39 AM IST
ajay kumar अमित रूखाया, अमर उजाला, फतेहाबाद (हरियाणा)
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बीजेपी प्रत्याशी सुनीता दुग्गल
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आखिरकार बीजेपी की टिकट के लिए चल रहा सस्पेंस समाप्त हो गया। बीजेपी हाईकमान ने पूर्व आयकर अधिकारी एवं अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की चेयरमैन सुनीता दुग्गल को ही सिरसा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस सीट पर टिकट के लिए दुग्गल के अलावा राज्यमंत्री कृष्ण बेदी और पूर्व आईजी वी. कामराजा का नाम भी चल रहा था। लेकिन सिरसा सीट से सुनीता दुग्गल का नाम ही फाइनल हो गया।

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इस सीट के लिए सुनीता दुग्गल पिछले पांच सालों से लगातार मेहनत कर रही थी। 2014 में उनकी बदकिस्मती के चलते उन्हें मिली-मिलाई टिकट हजकां के खाते में चली गई थी। 

आयकर अधिकारी के पद से इस्तीफा देकर आई थी राजनीति में
बीजेपी में शामिल होने से पहले सुनीता दुग्गल आयकर अधिकारी थीं और पूरे प्रदेश में कई जिलों में सेवाएं दे चुकी हैं। साल 2014 के चुनावों से ऐन पहले सिरसा सीट के लिए उनका नाम उछलना शुरू हो गया।
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इन अफवाहों को उस समय और बल मिला जब सुनीता दुग्गल ने सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर बीजेपी में औपचारिक इंट्री ले ली। इस सीट से सुनीता दुग्गल 2014 में भी बीजेपी टिकट के लिए प्रमुख दावेदार थीं। लेकिन ऐन मौके पर ये सीट गठबंधन की साथी हजकां के खाते में चली गई। 

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चार सौ वोट से हारीं थी रतिया विधानसभा सीट

लोकसभा चुनावों में बीजेपी की बंपर जीत के बाद प्रदेश में भी बीजेपी की लहर चल पड़ी। लेकिन विधानसभा चुनावों के लिए पोलिंग से महज 15 दिन पहले सुनीता दुग्गल को रतिया विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने टिकट थमा दी। रतिया को इनेलो का गढ़ माना जाता है। लेकिन इसके बावजूद सुनीता दुग्गल ने यहां आकर धुआंधार प्रचार शुरू कर दिया।

 दुग्गल ने महज 15 दिनों के चुनाव प्रचार में ही 50 हजार से अधिक वोट हासिल किए थे। इस सीट पर इससे पहले बीजेपी कभी इतने वोटों के आसपास भी नहीं फटकी थी। ये चुनाव सुनीता दुग्गल महज 4 सौ वोट से हारीं और इनेलो के प्रो. रविंद्र बलियाला यहां से विधायक बने। 

सिरसा सीट से बीजेपी उम्मीदवार सुनीता दुग्गल का परिवार नौकरशाहों से भरा हुआ है। वो खुद आयकर अधिकारी रही हैं तो उनके भाई सुमित कुमार एचसीएस अधिकारी हैं। इसके अलावा उनके पति राजेश दुग्गल एचपीएस अधिकारी हैं। राजेश दुग्गल बीजेपी सरकार में ही कई जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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