सनी देओल, मनीष तिवारीस हरसिमरत कौर और सुखबीर सिंह बादल
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर भारत में नतीजों को बहा ले जाने वाली मोदी लहर को पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कप्तानी ने सफलतापूर्वक थाम दिया। यहां कांग्रेस ने 13 में से 8 सीटें जीतीं हैं, जबकि शिरोमणि अकाली दल व भाजपा को दो-दो सीटें मिलीं। आप 4 सीटों से एक सीट पर सिमट गई। अमृतसर से मोदी सरकार में मंत्री हरदीप सिंह पुरी हार गए, हालांकि कांग्रेस के दिग्गज सुनील जाखड़ को पहली बार चुनाव लड़े अभिनेता सन्नी देआेल ने हरा दिया। बादल दंपती सुखबीर व हरसिमरत साख बचाने में कामयाब रहे। कैप्टन ने खुलकर भारतीय सेना की कार्रवाइयों की प्रशंसा कर राष्ट्रीय सुरक्षा पर भाजपा की बढ़त को पूरी तरह खत्म किया। साथ ही छोटे किसानों को दो लाख की कर्ज माफी के साथ भाजपा के वादों को फीका कर दिया।
भाजपा-अकाली दल ने आखिरी दौर में 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाकर घेरने की कोशिश की, लेकिन अकाली शासन में गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी पर हुए प्रदर्शन पर पुलिस फायरिंग को लेकर सिखों में रोष के चलते विफल रहे। भाजपा-अकाली दल करतारपुर कॉरिडोर संबंधी केंद्र की पहल को भी भुना नहीं सके। इस बार सबसे उल्लेखनीय नतीजा रहा, आप का चार से एक सीट पर सिमटना। कार्यकर्ताओं में बिखराव और अंदरूनी खींचतान ने आप को राज्य में हाशिए पर धकेल दिया है।
पंजाब में कुल सीटें: 13
भाजपा कांग्रेस शिअद आप
2019 02 08 02 01
2014 02 03 04 04
2009 01 08 04 --