निर्वाचन कार्यालय ने उन्हें 118 वर्षीय बुजुर्ग महिला बना दिया है। यह अपने आप में अकेला मामला नहीं, पड़ताल में कई और मतदाताओं की उम्र में खेल कर उन्हें 100 वर्ष से ऊपर का दिखा दिया गया है।
इतना ही नहीं कई मतदाताओं के नाम व पते तक गलत मिले। अमर उजाला ने बुधवार के अंक में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद से निर्वाचन कार्यालय हरकत में आ गया।
लोकसभा चुनाव के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार सुबह यूटी के मुख्य चुनाव अफसर एके सिन्हा ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में प्रमुख रूप से अतिरिक्त मुख्य चुनाव अफसर मनदीप सिंह बराड़ के साथ संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी अर्जुन शर्मा के साथ अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मीटिंग में वोटर कार्डों में मिली अनियमितताओं को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई।
बैठक में आशंका जताई गई कि शहर में 100 साल या इससे अधिक आयु के लोगों की सूची में गड़बड़ी है। इसे देखते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी के द्वारा निर्वाचन कार्यालय को निर्देश दिया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराया जाए।
इसके साथ ही सेक्टर-26, सेक्टर-38 और मलोया कालोनी में कार्यरत बीएलओ को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा गया है।
इस संदर्भ में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि तीनों बीएलओ को नोटिस जारी कर दिया गया है। एक सप्ताह के अंदर जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने माना कि वोटर कार्ड में हुई कमियां गंभीर हैं। लापरवाही मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।