गुरुग्राम में निर्माण कार्य में बिल्डरों द्वारा बड़े स्तर पर भूजल के इस्तेमाल पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि हालात गंभीर हैं। वह दिन दूर नहीं जब लोग एक-एक बूंद को तरसेंगे। हाईकोर्ट ने अब केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और गुरुग्राम नगर निगम से भूजल के मौजूदा हालात की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने वर्ष 2008 में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं वे बेहद गंभीर हैं। अगर इस तरह से भूजल का अंधाधुंध दोहन जारी रहा तो वह दिन दूर नहीं जब यहां के लोग पानी की एक एक बूंद को भी तरसेंगे।