संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर व कांशीराम के सपने को तभी पूरा किया जा सकेगा। बसपा नेत्री ने कहाकि कांशीराम ने 14 अप्रैल 1984 को बसपा की स्थापना की, लेकिन कांग्रेस उसी समय से ही बसपा को खत्म करने के प्रयास करती रही है।
यहां तक कि कांग्रेस हमेशा ही डॉ.अंबेडकर को भारत रत्न दिए जाने के विरोध में रही और मंडल कमीशन की रिपोर्ट भी लागू नहीं की। जब वीपी सिंह की सरकार आई तो बसपा सांसदों के समर्थन पर ये दोनों मांगें पूरी करने की शर्त रखी गई।
वहीं भाजपा ने भी देश की जनता के साथ धोखा दिया है। कांग्रेस की तर्ज पर भाजपा ने भी पूंजीपतियों की ही चौकीदारी की है और वर्ष 2014 के चुनाव से लेकर अब तक जुमलेबाजी ही की जाती रही, लेकिन अब यह जुमलेबाजी भी भाजपा के काम नहीं आएगी।
मायावती ने कहा कि राष्ट्रवाद का दम भरने वाली भाजपा के शासन में आज भी सीमाएं सुरक्षित नहीं है और सैनिक लगातार शहीद हो रहे है। भाजपा सैनिकों की इस शहादत को ही चुनाव में भूना रही है, लेकिन देश के लोग इसका करारा जावाब देंगे।
रैली को लोसुपा सुप्रीमो एवं कुरुक्षेत्र लोकसभा सांसद राजकुमार सैनी ने भी संबोधित किया और कहा कि इस बार केंद्र में मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के लिए बसपा-लोसुपा प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताएं।