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कम नहीं हो रहीं किरण खेर की मुश्किलें, चुनाव आयोग ने दोबारा भेजा नोटिस, ये है पूरा मामला

Tue, 07 May 2019 01:30 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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भाजपा प्रत्याशी किरण खेर - फोटो : File Photo
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भाजपा प्रत्याशी किरण खेर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। चुनाव आयोग ने उन्हें दोबारा नोटिस भेजकर 24 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। इस बार उन्हें नोटिस अपने ट्विटर हैंडल से रेलगेट लिखने पर मिला है। तीन दिन पहले ट्विटर हैंडल से बच्चों से नारे लगवाने की फोटो शेयर करने पर नोटिस जारी हो चुका है। 

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इस नोटिस पर किरण खेर ने सार्वजनिक माफी भी मांगी थी। खेर ने अपने फेसबुक व ट्विटर हैंडल से मेट्रो रेल और मोनो रेल से संबंधित एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि किरण खेर इज नॉट इंट्रेस्टेड इन रेलगेट। दरअसल, रेलगेट को लेकर उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार पवन बंसल की आलोचना की है। यूपीए-2 के कार्यकाल में जब पवन बंसल रेलमंत्री थे, उस दौरान उन पर रेलवे में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। 

मगर वे आरोप साबित नहीं हो पाए थे। एडवोकेट पंकज चांदगोठिया ने इसी को आधार मानकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजोय कुमार सिन्हा के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। चांदगोठिया की शिकायत के मुताबिक खेर ने चुनाव आचार संहिता का उल्लघंन किया है। उनका नामांकन रद्द किया जाए या फिर वे सार्वजनिक माफी मांग कर अपना बयान वापस लें। 

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उनके मुताबिक खेर ने चुनाव आचार संहिता के क्लॉज- 2 को भंग किया है। इस क्लाज के मुताबिक यदि आलोचना करनी है तो पार्टी की नीतियों और प्रोग्राम की करें न कि निजी जिंदगी की। जो आरोप सिद्ध न हुआ हो उसका हवाला देना भी उल्लंघन की श्रेणी में आता है। किरण खेर ने इसी क्लॉज का उल्लंघन किया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि किरण खेर ने रेलगेट शब्द का इस्तेमाल पवन बंसल को बदनाम करने के मकसद से किया है, जबकि जांच एजेंसियों ने बंसल को क्लीन चिट दे दी है। इस मामले में री-इनवेस्टीगेशन की मांग भी रद्द कर दी गई है। लोगों को भ्रमित करने के मकसद से रेलगेट का इस्तेमाल किया गया है।

मॉडल कोड आफ कंडक्ट कमेटी के इंचार्ज अनिल गर्ग ने पुष्टि करते हुए कहा है कि खेर को नोटिस भेजा गया है। साथ ही इसका 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है। इसकी एक प्रति डीसी व एडिशनल चीफ इलेक्टोरल अफसर मनदीप सिंह बराड़ के पास भेजी है।
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