सुखबीर बादल ने जत्थेदार रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा द्वारा गठित शिअद (टकसाली) को शिअद (जाली) की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्हें इस बात का अंदेशा है कि वह चुनाव मैदान से हट जाएंगे। टकसालियों ने जितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं, उनमें से कौन टकसाली है, इसके बारे में खुलासा करें। पंजाब की जनता टकसालियों को नकार देगी।
असली टकसाली वह होता है, जो बुरे समय में पार्टी के साथ डट कर खड़ा हो। सुखबीर ने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की पुरानी यारी है। जब दिल्ली में आप की पहली सरकार बनी थी, तब केजरीवाल ने कांग्रेस का सहयोग लिया था।
पंजाब में सभी राजनीतिक पार्टियां अकाली-भाजपा गठबंधन से डरी हुई हैं।एक सवाल के जवाब में सुखबीर ने कहा कि बठिंडा से चुनाव मैदान में उतरे सुखपाल खैरा का वह अभिनंदन करते हैं। उनको शुभकामनाएं देते हैं।
खैरा के साथ राजनीति के मैदान में मुकाबला होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के भीतर सत्ता पाने की छटपटाहट है। इससे पहले सुखबीर बादल अपनी पत्नी व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के साथ श्री अखंड पाठ के भोग की अरदास में शामिल हुए। बादल दंपति ने श्री हरमंदिर साहिब की पवित्र परिक्रमा के दर्शन कर मुख्य भवन में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे शीश नवाकर सरबत के भले की अरदास की।