केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भूख-प्यास से छह पिल्लों की मौत की शिकायत करने के लिए फोन किया, तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामला फतेहाबाद का है। आनन- फानन में बस स्टैंड चौकी के पुलिस कर्मियों ने पशु चिकित्सक को बुलाकर मृतक पिल्लों के सैंपल जांच के लिए भेजे। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी, जबकि मार्केट कमेटी प्रशासन का दावा है कि अवैध कब्जे हटवाने के लिए रंजिश में खाना न देने की झूठी शिकायत की गई है।
बता दें कि मार्केट कमेटी प्रशासन ने 20-25 दिन पहले अवैध दुकानें हटवाकर दीवार बनवाई थी। स्वामी नगर निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उसने इसकी शिकायत केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की संस्था पीपल्स फॉर एनिमल को ईमेल से भेजी थी। उसके बाद मेनका गांधी ने एसपी ऑफिस फोन करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीपुल्स फॉर एनिमल के जिलाध्यक्ष विनोद कड़वासरा को भी फोन किया तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे।
एसपी ऑफिस ने शहरी थानाध्यक्ष को भी मामले की जांच के लिए कहा है। उसके बाद बस स्टैंड चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पशु चिकित्सकों की टीम को मौके पर बुलाया। टीम के सदस्य डॉ. विक्रम ने बताया कि मृत पिल्लों का शरीर पूरा गल चुका है, सिर्फ कंकाल ही बचा है। ऐसे में पोस्टमार्टम के लिए सैंपल लेकर जांच के लिए मधुबन भेजे जा रहे हैं। दूसरी तरफ पुलिस विभाग इस मामले को संदिग्ध मानकर चल रहा है।