पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोविड-19 के कारण चुनौतियों से घिरे रियल एस्टेट क्षेत्र को राहत देने के कई ऐलान किए हैं। इसके तहत सभी अलॉटियों को प्लाटों /प्रोजेक्टों के निर्माण की तय अवधि में छह महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। भले ही यह अलॉटमेंट प्राईवेट हो या राज्य के शहरी क्षेत्रों की सरकारी संस्थाओं द्वारा बोली या ड्रा के जरिए की गई हो।
यह प्रोत्साहन पैकेज अलॉटियों और डेवलपरों दोनों पर लागू होगा। इसका उद्देश्य इन दोनों को तत्काल राहत मुहैया करवाने के साथ-साथ हाऊसिंग क्षेत्र में आई रुकावटों को दूर करना है। यह राहत राज्य की शहरी विकास प्राधिकरणों पर लागू की गई है और यह 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2020 तक लागू रहेगी।
केंद्र के प्रोत्साहन से ज्यादा दी राहत
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह ज़रूरी राहत उपाय आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा तय किये गए कुछ प्रोत्साहनों के अलावा हैं, जिसमें नीलामी की संपत्तियों के मामलों में किश्तों की अदायगी की कानूनी मोहलत में छह महीने का विस्तार करना शामिल है।
फीस वसूली पर भी लगाई रोक
मुख्यमंत्री ने सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि वे 1अप्रैल से आगामी 30 सितंबर की अवधि के लिए नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस /विस्तार फीस /लाइसेंस नवीनीकरण फीस न लें । इससे एक करोड़ से अधिक राजस्व का नुकसान होगा। इस राहत के तहत मेगा प्रोजेक्टों की मंजूरियां और पीएपीआरए के अंतर्गत जारी लाइसेंसों में बिना फीस छह महीनों का विस्तार हो जाएगा।