खरखौदा में गोदामों से तस्करी की जब्त शराब गायब करने के मामले में कार्रवाई में जुटी एसआईटी किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है। शराब घोटाले के सबसे बड़े सूत्रधार बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर व शराब माफिया भूपेंद्र की काली कमाई से बनाई गई संपत्ति पर एसआईटी की नजर है।
दोनों की संपत्ति की जांच कराने के साथ ही अटैच करने के लिए एसआईटी की ओर से ईडी से पेशकश की जाएगी, जिसकी तैयारी चल रही है। क्योंकि भूपेंद्र की काफी संपत्ति का पुलिस को पता लग चुका है तो उसकी गुमनाम संपत्ति की ईडी ही जानकारी जुटा सकती है।
जबकि बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर पर गोदाम से शराब को बेचकर मोटी कमाई करने का शक है और उसकी संपत्ति के बारे में पुलिस को जानकारी भी नहीं है। इसलिए संपत्ति के मामले में ईडी का सहारा लेने की तैयारी चल रही है तो सबसे पहले एसआईटी बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर को पकड़ने में जुटी है, जिससे मामले की काफी गुत्थी सुलझ जाएगी।
हमारे सामने आपराधिक जांच के दौरान जितनी जानकारियां सामने आई हैं, उससे ही पता चला है कि किसके पास कितनी संपत्ति है। संपत्ति जांच के अधिकार हमारे पास नहीं हैं, इसलिए जसबीर की गिरफ्तारी के बाद ईडी से जांच कराने की पेशकश की जाएगी। जिससे यह साफ हो सके कि किसके पास कितनी संपत्ति है और गोदाम से शराब चोरी करके कितनी संपत्ति बनाई गई है। उसका ईडी पता लगाने के बाद अटैच कर सकती है।
- जितेंद्र कुमार, डीएसपी एसआईटी