हालांकि, कुछ श्रेणियों में अपराध का ग्राफ बढ़ा भी है। उदाहरण के तौर पर, गैरकानूनी असेंबली के मामले इसी अवधि में 151 से बढकर 159 हो गए। जो पुलिस द्वारा विभिन्न जिला मजिस्ट्रेटों से सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन करने पर दर्ज किए गए मामलों का एक परिणाम है।
आईपीसी की धारा 188 (कानूनन आदेशों का उल्लंघन) के तहत दर्ज मामलों में तेज उछाल आया, क्योंकि पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम और हरियाणा महामारी नियमन 2020 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने के लिए विभिन्न व्यक्तियों के खिलाफ 2681 मामले दर्ज किए, जबकि गत वर्ष अप्रैल में केवल 26 मामले दर्ज किए गए थे।
हत्या के प्रयास के मामले कमोबेश ऐसे ही बने रहे, जो 64 से घटकर इस साल 62 रह गए। इसी अवधि के दौरान दहेज हत्या के मामले 24 से कम होकर 22 दर्ज हुए। धोखाधड़ी के मामलों में भी अधिक गिरावट नहीं हुई, क्योंकि अप्रैल 2019 में 293 मामलों की तुलना में अप्रैल 2020 में 287 मामले दर्ज किए गए।
गंभीर अपराधों में आई गिरावट एक अस्थायी घटना है, क्योंकि यह असाधारण परिस्थितियों में हुआ है। लॉकडाउन खुलते ही अपराध में उछाल आएगा। सभी पुलिस इकाइयों को इस संबंध में बहुत सावधानी बरतने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। लॉकडाउन के खुलने पर अपराध का शिकार होने से बचने के लिए सभी नागरिकों को अधिकतम सावधानी और सतर्कता बरतने के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की जाएगी। - मनोज यादव, डीजीपी हरियाणा