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पंजाबः आज तीसरे दिन फिर होगी कैबिनेट की मीटिंग, आबकारी नीति में संशोधन पर होगा फैसला

Mon, 11 May 2020 11:10 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब में शराब के ठेके बंद होने के चलते आज तीसरे दिन फिर कैबिनेट की मीटिंग है, जिसमें आबकारी नीति पर फैसला लिया जाना है। मंत्रिमंडल के सदस्यों में यदि आबकारी नीति में संशोधन पर सर्व सहमति बनी तो राज्य की अर्थव्यवस्था को संतुलित करने के लिए फैसला किया जाएगा। हालांकि, शुक्त्रस्वार और शनिवार, दो दिन लगातार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में मीटिंग हुई। लेकिन कोई वैकल्पिक रास्ता निकलने या आबकारी नीति में संशोधन पर सर्व सहमति के बजाय दूसरे दिन मीटिंग हंगामेदार रही।
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सूत्रों की मानें तो कैबिनेट की मीटिंग से पूर्व मंत्री मंडल के सदस्य आपसी मतभेद भुलाने के लिए पहले एक दूसरे से विचार विमर्श कर सकते हैं। इसके बाद आज होने वाली मीटिंग में आबकारी नीति में संशोधन पर फैसला लिया जा सकता है। ताकि राज्य में बंद पड़े शराब के ठेके खुल सकें और अर्थव्यवस्था को कुछ बल मिल सके। आबकारी नीति के संबंध में कैबिनेट ने नीति और उसे लागू करने के लिए कोविड व लॉकडाउन के प्रभाव के संबंध में विस्तृत विवरण मांगे हैं। आबकारी विभाग को इस संदर्भ में नीति को जांचने के आदेश दिए गए थे।

मौजूदा स्थिति को असाधारण बताते हुए मंत्री मंडल ने महसूस किया है कि राज्य के आबकारी उद्योग को फिर पांव पर खड़ा करने, विशेषकर राजस्व के मॉडल को महत्ता देने के लिए सभी संभव संभावनाएं तलाशी जानी आवश्यक हैं। आबकारी विभाग आज मंत्री मंडल के समक्ष विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगा। दरअसल, मोहाली व खरड़ के कुछ शराब के ठेकों के अलावा राज्य में शरा के सभी ठेके बंद रखे गए हैं। इसका कारण सरकार द्वारा ठेके खोलने के लिए महज चार घंटे का समय दिया जाना है। जबकि सरकार द्वारा ठेकेदारों से लाइसेंस फीस पूरे वर्ष की ली गई हैं।
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इससे रोष व्याप्त ठेकेदार राज्य में शराब के ठेके बंद कर सरकार से फीस कम करने की मांग उठा चुके हैं। इसके अलावा मंत्री मंडल के बीच श्रम नीति में बदलाव पर भी मंथन किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उद्योग मंत्री को कामगारों के कल्याण और देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं। औद्योगिक क्षेत्र द्वारा कामगारों को अपने साथ जोड़कर रखा जाए और कामगारों को पंजाब में रोकने पर ही ध्यान देने को भी कहा।
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