प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, एडवाइजर मनोज परिदा और चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से ही शहर में साफ-सफाई सुनिश्चित हुई है। नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने कहा कि आवास और शहरी विकास मंत्रालय की ओर से कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग तय करना अच्छी पहल है। इससे प्रशासन व निगम के साथ लोग भी भागीदारी कर अपने शहर को बेहतर रेटिंग देने का प्रयास करते हैं। इस पहल से शहरों में कचरा प्रबंधन में काफी सुधार हुआ है।
25 प्रमुख मापदंडों पर आधारित होती है स्टार रेटिंग
कमिश्नर ने बताया कि यह रेटिंग 25 मापदंडों के आधार पर तय होती है। इसमें निगम के सफाई के नंबर तो होते ही हैं, साथ ही शहर के मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, स्कूल और कॉलेजों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है। यह लोगों का सहयोग ही है कि चंडीगढ़ को 3 स्टार की रेटिंग मिली है।
कोरोना की महामारी में भी सफाईकर्मी जुटे रहे, यही असली योद्धा
मेयर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान लोग अपने घरों में थे। हॉटस्पॉट एरिया में जाने से लोग डर रहे थे लेकिन सफाई कर्मचारियों ने किसी भी क्षेत्र को हॉटस्पॉट नहीं माना। दिन रात सैनिटाइजेश की व्यवस्था देखने के बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई कमी नहीं आने दी। यही हमारे असली कोरोना योद्धा हैं। इन वीरों की मेहनत व जज्बे का ही कमाल है कि शहर की 3 स्टार रेटिंग मिली है।