हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान शराब के ठेके नहीं खुलेंगे। अवैध तस्करी करने और उन्हें शराब पहुंचाने वाले लोगों की भी खैर नहीं है। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने तस्करों व आपूर्तिकर्ताओं को कड़ी चेतावनी दी है। चेकिंग के दौरान शराब के गोदामों व ठेकों पर स्टॉक कम मिलने वाले ठेकेदार का लाइसेंस बैन करने की तैयारी चल रही है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि स्टॉक चेकिंग में शराब की मात्रा कम मिलने पर 12 लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। कुछ लोग आवश्यक सामान लाने के बहाने प्रशासन से पास लेकर शराब की कालाबाजारी कर रहे हैं। जिनके स्टॉक में कम शराब मिली है उनका लाइसेंस बैन किया जा सकता है।
15 अप्रैल को केंद्र सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन के मुताबिक तीन मई तक कहीं भी शराब के ठेके नहीं खोले जा सकते। अगर केंद्र सरकार फैसले में कोई बदलाव करती है तो अन्य प्रदेशों को देखते हुए हरियाणा सरकार निर्णय लेगी। अब तक प्रदेश में 442 जगहों पर छापेमारी कर 1200 से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं।
हालात सामन्य करने में लगेगा वक्त
चौटाला ने कहा है कि 18 हजार श्रमिकों को गाइडलाइन अनुसार फैक्ट्रियों में रखकर काम करवाने की अनुमति दी है। निर्माण उद्योग से जुड़े 31 हजार से ज्यादा श्रमिकों को सामाजिक दूरी के पालन के साथ मास्क, सैनिटाइजर आदि का प्रयोग करते हुए काम करने की मंजूरी दी गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दायरे में न आने वाले ईंट भट्टों को भी कार्य शुरू करने की अनुमित दी गई है।
उन्होंने बधाई देते हुए कहा कि किसानों की सुरक्षा के लिए स्वयं सहायता समूह, होंडा आदि आगे आए। स्वयं सहायता समूह ने करीब 13 लाख मास्क मंडियों में किसानों-श्रमिकों को उपलब्ध करवाए हैं। वहीं होंडा ने सैनिटाइजेशन के लिए प्रत्येक ब्लॉक में स्प्रे पंप उपलब्ध करवाने का काम किया है।
विशेष पैकेज पर विचार करे केंद्र
उन्होंने केंद्र सरकार से श्रमिक वर्ग के जीवन को पटरी पर लाने के लिए विशेष सहायता देने पर विचार करने की मांग की है। दुष्यंत ने किताबों की दुकानों का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने और लोगों की सुविधा बहाल करने के बीच संतुलन बनाकर चल रही है। होम डिलीवरी ही इसमें बेहतर विकल्प है।