पंजाब में शुक्रवार को पूरे राज्य में शराब के ठेके खुल गए। आबकारी विभाग की सख्ती के आगे नाराज शराब ठेकेदारों की एक नहीं चली और वे सुबह 7 बजे ही ठेके खोलकर बैठ गए। गुरुवार को शराब ठेकेदारों ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को खारिज करते हुए ठेके खोलने से इनकार दिया था।
शराब सिंडीकेट का कहना था कि कर्फ्यू-लॉकडाउन के दौरान शराब कारोबारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं लाइसेंस हासिल करने के लिए शराब कारोबारी लाखों रुपये सरकार को दे चुके हैं। ऐसे में कर्फ्यू-लॉकडाउन में कारोबारियों को जो नुकसान हुआ है, उसके एवज में सरकार मुआवजा दे।
हालांकि राज्य सरकार ने मुआवजे पर सहमति जताते हुए पहले ही तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है, जो कर्फ्यू-लॉकडाउन की अवधि के दौरान शराब कारोबारियों को हुए घाटे का आंकलन करके रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगी और उसके आधार पर मुआवजा तय होगा। लेकिन शराब सिंडिकेट इस बात पर अड़ गया था कि जब तक मुआवजा घोषित नहीं होता, ठेके नहीं खोले जाएंगे।
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सिंडिकेट के रुख को देखकर एक्साइज विभाग ने भी तेवर कड़े कर लिए और सभी जिलों में एक्साइज अफसरों को ताकीद की कि शुक्रवार सुबह 7 बजे जो भी ठेके नहीं खुलें, उनकी सूचना विभाग मुख्यालय को दी जाए ताकि उनका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू की जा सके। एक्साइज विभाग के इसी रुख को देखते हुए सिंडिकेट के तहत सभी शराब कारोबारियों ने शुक्रवार को दुकानें खोल दीं।