चंडीगढ़। चचेरे भाई और भाभी से करोड़ों की धोखाधड़ी में नामजद शराब कारोबारी अरविंद सिंगला के अकाउंटेंट विकास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसे अदालत में पेश कर आठ दिन का रिमांड भी हासिल कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी विकास से पूछताछ में सामने आया कि वह करीब 20 वर्षों से सिंगला के अकाउंटेंट का काम कर रहा है। विकास पर आरोप है कि बेल इंटरप्राइजेज कंपनी में आने वाले रुपयों को तुरंत निकालकर खाते को फ्रीज कर देता था। हालांकि आरोपी ने पूछताछ में कहा कि वह सिंगला के कहने पर ही ऐसा करता था।
बता दें कि बेल इंटरप्राइजेज नामक कंपनी के डूबने की आहट पर सिंगला ने धोखे से खुद को कंपनी की पार्टनरशिप से हटाकर करोड़ों की देनदारी से बचने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, अरविंद सिंगला का सेक्टर-26 स्थित पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। कंपनी खोलने के दौरान इसी खाते को अटैच किया गया था। कंपनी के जरिए होने वाले लेनदेन को सेक्टर-44 निवासी उसका अकाउंटेंट विकास देखता था। जून 2016 में पंचकूला के सेक्टर-2 में अरविंद सिंगला के चचेरे भाई दीपक सिंगला को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगी थी। इसके बाद उसका मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में इलाज चल रहा था। इस दौरान आरोपी अरविंद सिंगला दीपक को बिना बताए कंपनी में आने वाले सारी रकम को अकाउंटेंट को कहकर खाते से निकलवाकर फ्रीज करवा देता था और जब दोबारा किसी की रकम खाते में आनी होती तो खाते को दोबारा खोल दिया जाता था।
सिंगला की धरपकड़ के लिए परिवार से पूछताछ
आरोपी अरविंद सिंगला को पकड़ने के लिए सेक्टर-26 थाना पुलिस ने सेक्टर-33 स्थित उनके निवास स्थान पर परिजनों से पूछताछ की, लेकिन परिजनों का जवाब था कि उन्हें अरविंद के बारे में कोई सूचना नहीं है। दूसरी तरफ, पार्टनरशिप की डीड पर तेजिंदर सिंह और रमन पुरी नामक दो शख्सों के हस्ताक्षर हुए थे। शिकायतकर्ता ने कहा था कि वह इन दोनों को नहीं जानती है, इन्होंने कैसे हस्ताक्षर कर दिया। पुलिस इन दोनों को पकड़ने के लिए उनके घर समेत अन्य ठिकानों पर छापा मारा, लेकिन इनका भी कोई सुराग नहीं मिल सका। बताया गया कि इनका मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ आ रहा है। पुलिस अब इन तीनों की धरपकड़ के लिए जगह जगह छापा मार रही है।
मामले में होंगी और गिरफ्तारियां
पुलिस के मुताबिक, इस केस में पूरा गिरोह काम कर रहा है। इसमें कई लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। इसके अलावा शिकायतकर्ता श्वेता और दीपक सिंगला का हस्ताक्षर लेने के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में पार्टनरशिप डीड बनवाई गई है, जिसमें स्टांप पेपर बनाने वाले समेत अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है। बताया गया कि मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भाभी की शिकायत पर सिंगला पर दर्ज हुआ था मामला
पुलिस को दी शिकायत में अंबाला कैंट निवासी श्वेता सिंगला ने बताया था कि उनके पति दीपक सिंगला ने अपने सेक्टर 33 निवासी अपने चचेरे भाई अरविंद सिंगला के साथ अगस्त 2015 को बेल इंटरप्राइजेज नाम की एक कंपनी खोली थी। 60 प्रतिशत पार्टनरशिप अरविंद सिंगला और 40 प्रतिशत उनके पति का था, लेकिन कुछ समय बाद उनकी कंपनी डूबने लगी। जून 2016 में दीपक गोली लगी। वह मोहाली फोर्टिस अस्पताल में भर्ती तो अरविंद सिंगला ने धोखे से श्वेता का हस्ताक्षर लेकर खुद कंपनी बाहर हो गया ताकि वह डूबती कंपनी में देनदारी से बच सके।