गोपाल चावला की ओर से जारी वीडियो में गुरुद्वारा साहिब की उन दीवारों को बार-बार दिखाया गया, जहां गुरुबाणी को मिटाकर कुरान की आयतें लिखी हुई हैं। गुरुद्वारा साहिब परिसर की दीवारें कई जगह से टूटी हुईं हैं। जिस स्थान पर शहीद भाई तारू सिंह ने शहादत दी थी। वहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश हो रहा है।
एसजीपीसी ने मनाया शहीदी पर्व
एसजीपीसी ने भी गुरुद्वारा श्री मांजी साहिब दीवान हाल में सिख कौम के महान शहीद भाई तारू सिंह का शहीदी दिवस मनाया। इस अवसर पर श्री अखंड पाठ के भोग के बाद श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी भाई जगदीप सिंह के जत्थे ने गुरुबाणी का गायन कर संगत को गुरुचरणों के साथ जोड़ा।
अरदास भाई सुल्तान सिंह ने की। गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब के कथा वाचक भाई हरमित्र सिंह ने संगत को पावन हुक्मनामा श्रवण करवाया। शहीद भाई तारू सिंह गुरु साहिबान के बताए गए मार्ग पर चलने वाले एक महान योद्धा थे। उनके जीवन से नौजवान पीढ़ी प्रेरणा ले।