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रामपाल के जिस केस को लेकर सतलोक आश्रम में मचा था बवाल, आज भी चल रही उसकी सुनवाई

Wed, 17 Oct 2018 10:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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रामपाल - फोटो : File Photo
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चार साल पहले हिसार के बरवाला में हत्या के जिस मामले को लेकर हिंसा हुई थी, उस केस की सुनवाई आज भी रोहतक कोर्ट में चल रही है और अभी तक गवाहियां पूरी नहीं हुई। मंगलवार को एडीजे फखरुद्दीन की अदालत में हिसार जेल प्रशासन रामपाल सहित तीन आरोपियों को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से भी पेश नहीं कर सका। इसके चलते गवाही के लिए आए तीन पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज नहीं हो सके। अब केस की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।
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रोहतक की कोर्ट में चल रहे हत्या के केस में अभी गवाही की प्रक्रिया चल रही है। मंगलवार को तीन पुलिसकर्मियों की गवाही होनी थी, लेकिन हिसार जेल प्रशासन वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से भी रामपाल को अदालत में पेश नहीं कर सकी। अब मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।
- एडवोकेट वीरेंद्र देशवाल
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ये था मामला

rampal
मामले के अनुसार, रामपाल के बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट ने करौंथा में सतलोक आश्रम खोला था, लेकिन स्वामी दयानंद द्वारा लिखित पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश पर कथित टिप्पणी के चलते आर्य समाजियों व आसपास के ग्रामीणों ने विरोध किया। 12 जुलाई 2006 को करौंथा के सतलोक आश्रम के बाहर भीड़ एकत्रित हो गई।

गोली लगने से झज्जर जिले के गांव बाघपुर के युवक सोनू की मौत हो गई थी, जबकि 59 लोग घायल हुए। रोहतक पुलिस ने रामपाल को जहां हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया था, जबकि आश्रम को सील कर कब्जे में ले लिया। हालांकि, हाईकोर्ट से रामपाल को दो साल बाद जमानत मिल गई, जबकि 2013 में आश्रम को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट को दे दिया गया।

इसी बीच रामपाल समर्थकों ने बरवाला में भी आश्रम बना लिया। करौंथा में दोबारा हुई हिंसा के बाद रामपाल बरवाला में शिफ्ट हो गए। नवंबर 2014 में रामपाल के समर्थक जगह-जगह एकत्रित होकर करौंथा कांड की सीबीआई से जांच की मांग करने लगे। हाईकोर्ट ने रामपाल की जमानत रद्द कर दी और अदालत में पेश होने के लिए कहा।

रामपाल हाईकोर्ट में पेश नहीं हुआ, इसके चलते कोर्ट ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस प्रशासन को आदेश दिए। जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो बरवाला में हिंसा हो गई। अब रामपाल को हिसार के एक केस में उम्रकैद की सजा हुई है, जबकि रोहतक का केस अदालत में चल रहा है।
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