एक गलती करके दो भाइयों ने अपनी जिंदगी तबाह कर ली, मां-बाप भी बेसहारा हो गए। क्योंकि अब दोनों युवकों की सारी जिंदगी जेल में कटेगी। युवक की चाकू घोंपकर हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने सेक्टर-52 निवासी दो भाइयों रोहित (20) उर्फ चौकड़ी और अर्जुन (22) को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, अदालत ने इसी मामले में आरोपियों के माता-पिता रेखा (40) और टीटू राम (45) को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
वहीं, दो दोषियों पर अदालत ने 6-6 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। चारों पर सेक्टर-52 निवासी कृष्णा की हत्या पर सेक्टर-36 थाना पुलिस ने जून 2016 में केस दर्ज किया था। घटना 30 जून 2016 की है। पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-52 निवासी राहुल ने कहा था कि वह ऑटो चलाता है और रात में करीब 10:30 बजे जब वह घर आ रहा था। घर के पास पहुंचने पर उसने देखा कि पार्क के पास उसके भाई रिक्की उर्फ छोटी को रोहित, अर्जुन और उसके माता-पिता घेरकर खड़े हैं और उससे गाली-गलौज कर रहे थे।
इसी दौरान रोहित के पिता टीटू ने उसके भाई को थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। जब वह बीच-बचाव को वहां पहुंचा तो उन्होंने उससे भी मारपीट शुरू कर दी। इतने में उसका बड़ा भाई कृष्णा भी वहां आ गया। वह अभी बातचीत ही कर रहे थे कि रोहित वहां आया और उसने छुरी निकालकर कृष्णा की कमर में घोप दी। इससे वह वहीं गिर गया। वह उसे संभाल ही रहा था कि अर्जुन ने रिक्की पर भी छुरी से हमला कर दिया। हालांकि वह हमले में बाल-बाल बच गया और उसे मामूली चोट लगी।
इसके बाद टीटू, रेखा ने उसे भी पकड़ लिया और बेटों रोहित और अर्जुन को उसका भी काम तमाम करने को कहा। दोनों आरोपियों ने उस पर हमला किया, लेकिन वह बाल-बाल बच गया। इसके बाद चारों वहां से फरार हो गए। राहुल ने वारदात की सूचना पुलिस को दी तो कृष्णा को सेक्टर-16 के अस्पताल में ले गए। वहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने कृष्णा को पीजीआई रेफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने चारों के खिलाफ पहले जानलेवा हमले की धारा में केस दर्ज किया था, लेकिन बाद में हत्या की धारा जोड़ दी।