मोहाली में वकील मर्डर केस में पौने 5 साल बाद नौ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, इनमें एसजीपीसी सदस्य का बेटा भी शामिल है। दोषियों पर अलग अलग धाराओं में जुर्माना भी लगाया गया है। दोषियों में सनबीर सिंह, ओंकार सिंह, दीपक कौशल उर्फ गोला, धर्मेंद्र सिंह उर्फ गुगनी, जसविंदर सिंह, विशाल शेरावत, सुनील भनोट, रजत शर्मा व केविन सुशांत शामिल हैं।
दोषियों से वसूला गया जुर्माना चालीस फीसदी मृतक के परिवार, 15-15 फीसदी हादसे में घायल हुए वकील के चचेरे भाई गगनजोत सिंह व उसके दोस्त सिमरजीत सिंह में बांटा जाएगा। यह फैसला जिला सेशन जज अर्चना पुरी की अदालत ने सुनाया। सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को जेल भेज दिया गया। करीब पौने पांच साल बाद आए इस फैसले पर मृतक के परिजनों ने संतुष्टि जताई है।
मामला 27 फरवरी 2013 की रात आठ बजे का है। जब मोहाली फेज-तीन ए के मकान नंबर 285 के बाहर पार्किंग को लेकर उक्त लोग वकील से उलझ गए थे। इस दौरान आरोपियों ने वकील अमरप्रीत सिंह सेठी पर गोली चला दी थी। साथ ही बीच बचाव में आए उनके चचेरे भाई गगनजोत सिंह व सिमरजीत सिंह भी घायल हो गए थे। घायलों को तुरंत फेज-आठ स्थित फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां वकील को मृत घोषित कर दिया था।
इसके बाद मटौर थाने की पुलिस ने हत्या, आर्म्स एक्ट समेत नौ लोगों पर केस दर्ज किया था। सबसे पहले पुलिस ने एसजीपीसी मेंबर रणजीत सिंह के बेटे जसविंदर सिंह खट्टू, ओंकार सिंह, व सनबीर सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद धर्मेंद्र सिंह, विशाल शेरावत, सुनील भनोट, रजत शर्मा को इंदौर से 28 मार्च 2013 में पकड़ा था। सबसे आखिर में इस मामले में केविन पकड़ा गया था। केविन की गिरफ्तारी छह नवंबर 2013 को हुई थी।