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Chandigarh News: पंजाब में नशीली दवाइयों का नेटवर्क चलाने वाले 455 केमिस्टों के लाइसेंस सस्पेंड

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-पुलिस ने इस साल अब तक 2.76 करोड़ कैप्सूल पकड़े
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-साइकोट्रापिक दवाइयों का बढ़ रहा है प्रदेश में चलन
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विशाल पाठक चंडीगढ़।
पंजाब में बड़े स्तर पर कई केमिस्ट अपने मेडिकल स्टोर से नशीली दवाइयों का कारोबार चला रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग, ड्रग्स इंस्पेक्शन इन्फोर्समेंट टीम, पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने बीते चार महीनों में करीब 455 केमिस्टों पर कार्रवाई कर उनके लाइसेंस सस्पेंड किए हैं।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत इन रिटेल और होलसेल केमिस्ट संचालकों पर कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो सस्पेंड किये लाइसेंस ड्रग्स को लेकर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों और नियमों को पूरा नहीं कर रहे थे। यहां तक कि इन केमिस्टों से कई प्रतिबंधित दवाइयां भी बरामद की गईं, जबकि कुछ के पास कुछ दवाइयों के सेल और परचेज का रिकॉर्ड नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में नशीली दवाइयों का चलन बढ़ रहा है। नशीली दवाइयां व्यक्ति के दिमाग और मन पर गहरा असर डालती हैं। इनके अत्यधिक सेवन से इनकी लत लग सकती है। यही कारण है कि पंजाब सहित देश के अन्य राज्यों में इन दवाइयों के इस्तेमाल को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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इस साल 2.76 करोड़ कैप्सूल और गोलियां पकड़ीं
पंजाब पुलिस ड्रग्स को लेकर प्रदेश भर में विशेष अभियान चलाकर समय-समय पर कार्रवाई कर रहा है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रदेश में एक जनवरी से 30 जून 2024 तक 2.76 लाख प्रतिबंधित कैप्सूल और गोलियां पकड़ी गईं। कई मामलों में इन नशीली दवाइयों के स्रोत केमिस्ट ही रहे। पुलिस ने अब तक 1,849 इंजेक्शन, 1338 सिरप, 1.750 लीटर नशीला लिक्विड और 807.399 किलोग्राम नशीला पाउडर बरामद किया है। पंजाब पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में अब ड्रग्स के इस कारोबार में नशीली दवाइयों और कैप्सूल का चलन बढ़ा है। प्रदेश में छह महीने के अंतराल में 2.76 करोड़ कैप्सूल और गोलियां अलग-अलग केस में बरामद की गई हैं, जबकि बीते दो सालों का ट्रेंड देखा जाए तो लाखों में सीमित थे।
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कई जिलों में दवाइयों के सैंपल नहीं हो रहे चेक
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री को एक रिपोर्ट सौंपी गई है, जिसमें यह दावा किया गया है कि प्रदेश के अधिकतर जिलों में ड्रग्स इंस्पेक्शन इन्फोर्समेंट टीम दवाइयों के सैंपल चेक नहीं करती है। प्रदेश में मोहाली, डेराबस्सी, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और बठिंडा में कई फार्मा कंपनियां स्थित हैं, यहां ड्रग्स इंस्पेक्शन की जाए तो बड़े स्तर पर खामियां सामने आएंगी।
प्रदेश में बीते तीन साल में पकड़े गए नशीले पदार्थ
वर्ग
2024
2023
2022
केस दर्ज
1,121
3,211
3,752
गिरफ्तार
1,472
4,208
4,899
नशीला पाउडर 807 किलो
92.11 किलो
80.66 किलो
कैप्सूल व पिल्स 2.76 करोड़ 81.41 लाख
67.19 लाख
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