दो महीने में दो करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया
हरियाणा सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और प्रदूषण को रोकने के लिए बनाए दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर दो महीने (अक्तूबर-नवंबर) में दो करोड़ 76 लाख 18 हजार 400 रुपये का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना खुले में कूड़ा जलाने, निर्माण गतिविधियों के दौरान धूल को नियंत्रित नहीं करने, ग्रेप का पालन नहीं करने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगाया गया है। हरियाणा सरकार ने यह जानकारी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में सुनवाई के दौरान दी।
फरीदाबाद सबसे प्रदूषित शहर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि राज्य में सबसे प्रदूषित शहर फरीदाबाद है। इस शहर का एक्यूआई लगातार 300 के आसपास बना हुआ है। पीक समय में शहर के कुछ इलाकों का एक्यूआई 400 के ऊपर भी दर्ज किया गया है। उसके बाद गुरुग्राम दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा है। बोर्ड का कहना है कि इन शहरों में प्रदूषण फैलने का एक कारण यह भी है कि शहर और उसके आसपास निर्माण गतिविधियां काफी जोरों पर चल रही है। इसके अलावा सोनीपत और पानीपत सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में एक हैं।
वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए यह उठाए जा रहे हैं कदम
बोर्ड के मुताबिक राज्य के 100 हॉटस्पॉट को ग्रीन स्पॉट बदलने का काम चल रहा है। इन जगहों पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाने हैं। कुछ हॉटस्पॉट पर लगाए जा चुके हैं। सड़क की धूल नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण जंक्शनों पर एंटी स्मॉग गन स्थापित करने और सड़कों की सफाई आधुनिक मशीन से करवाने का प्रस्ताव सरकार को सौंपा जा चुका है। प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। एक साल के भीतर हरियाणा में 375 इलेक्ट्रिक बसों को दौड़ाया जाएगा। प्रदूषण की निगरानी के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी सिस्टम बढ़ाए जा रहे हैं। एनसीआर से लगते शहरों में वायु प्रदूषण के स्रोतों को जानने के लिए स्टडी करवाई जा रही है।