अब पशुओं को लावारिस छोड़ना पशु मालिकों को मंहगा पड़ेगा। क्योंकि राज्य भर के पशुओं पर सरकार की नजर होगी। सभी पालतू पशुओं और गोशालाओं केपशुओं के शरीर में एक खास चिप कैप्सूल में डाल कर इंजेक्ट की जाएगी।
उस चिप में पशु मालिक के नाम, पते समेत तमाम ब्योरा होगा। सारे पंजाब में पशुओं में यह चिप इंजेक्ट करने का काम पूरा होने के बाद जो पशु लावारिस मिलेंगे, उनके मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पंजाब गो सेवा बोर्ड केचेयरपर्सन कीमती भगत ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि बोर्ड ने गोवंश केलिए यह प्रस्ताव बना कर सरकार को भेजा था।
लेकिन पशु पालन विभाग ने अपने प्रस्ताव में कहा कि सभी पशुओं केलिए यह योजना लागू की जानी चाहिए। जिसे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने मंजूर कर लिया है। पंजाब सरकार ने इसकेलिए अमेरिका की एक कंपनी से समझौता किया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 35 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
कंपनी के प्रतिनिधि विभाग को डेमो दे गए हैं। जल्द ही प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और गुजरात केबाद पंजाब तीसरा राज्य होगा, जहां यह प्रोजेक्ट लागू होगा। एक बार सारे पशुओं में चिप इंजेक्ट करने का काम पूरा हो जाए, उसकेबाद पशु मालिकों पर शिकंजा कसा जाएगा। इस काम में आठ-नौ महीने लगेंगे। उसकेबाद उन पशु मालिकों पर कार्रवाई की जाएगी जो पशुओं को दुधारू न रहने पर सड़कों पर छोड़ देते हैं।
क्रुएलिटी टु एनिमल्स एक्ट में इसका प्रावधान है। ये चिप गोशालाओं के पशुओं में भी लगाई जाएंगी, ताकि पता चल सके कि वे गोशाला के हैं। भगत ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से यह पता चल सकेगा कि पंजाब में कितने पशु हैं, उनमें कितने मेल व फीमेल हैं। अभी सिर्फ लावारिस गोवंश केबारे में ही आयोग को जानकारी है। पंजाब में करीब 1.06 लाख लावारिस गायें हैं।