सीएम मान बोले- मां बोली को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नेताओं को वही वादा करना चाहिए जिसे पूरा किया जा सके। लोगों को झूठी उम्मीदें दिखाना समाज के लिए घातक है। उन्होंने मौजूदा राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वादों और हकीकत के बीच की दूरी खत्म करनी होगी। सीएम मान शुक्रवार को महिंदर सिंह रंधावा साहित्य कला उत्सव के दौरान सेक्टर-16 के पंजाब कला भवन में कला और साहित्य से जुड़े लोगों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां बोली हमारी पहचान है। इसे सहेजना और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषा के संरक्षण से ही संस्कृति और सभ्यता जीवित रहती है। इस अवसर पर पंजाबी सिनेमा और डिजिटल आर्ट अकादमी की ओर से प्रसिद्ध निर्देशक गुरविंदर सिंह को ‘सिनेमा में पंजाब गौरव सम्मान’ से सम्मानित करने को लेकर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
बोले-कविता कम शब्दों में बड़ी बात कहने का माध्यम
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि कविता ऐसा सशक्त माध्यम है, जिसके जरिये कम शब्दों में गहरी और बड़ी बात कही जा सकती है। उन्होंने कहा कि किताब से बेहतर कोई साथी नहीं, किताब साथ हो तो अकेलापन महसूस नहीं होता। महिंदर सिंह रंधावा को याद करते हुए सीएम ने कहा कि उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि रंधावा के बारे में उन्होंने न सिर्फ पढ़ा है बल्कि पढ़ाई के दौरान पाठ्यक्रम में भी उनका अध्ययन किया है। कार्यक्रम के दौरान सीएम मान ने कला जगत से जुड़े लोगों से आत्मीयता से मुलाकात की और पुराने परिचितों को मंच से पहचानते हुए संबोधित भी किया।
जब तक सांस है, तब तक उम्मीद है... शायरी के माध्यम से समझाया सांसों का महत्व
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निजी जीवन से जुड़ा अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें आज भी शायरी सुनने का शौक है। उन्होंने बताया कि वह अक्सर पाकिस्तानी शो देखते हैं, जिनमें गांवों के बच्चे बेहतरीन शायरी सुनाते हैं। कई शेर वह अपने फोन में लिख भी लेते हैं। उन्होंने शायरी के माध्यम से जीवन और सांसों के महत्व को समझाते हुए कहा कि जब तक सांस है, तब तक उम्मीद है...उनकी बातों पर मौजूद श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं।