नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा बोले कि कवरेज में पक्षपात हो रहा है, विपक्षी नेताओं की सिर्फ आवाज सुनाई देती है। मुख्यमंत्री, मंत्री और सत्ताधारी विधायकों पर क्लोजअप किया जाता है।
पंजाब विधानसभा की लाइव कवरेज को लेकर नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए कहा कि लाइव कवरेज में पक्षपात हो रहा है। विपक्ष के नेता जब बोलते हैं तो सिर्फ उनकी आवाज सुनाई देती है, लेकिन जब मुख्यमंत्री, मंत्री और सत्ताधारी विधायक बोलते हैं तो उन पर क्लोजअप किया जाता है।
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विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि इसका खुलासा तब हुआ जब कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें जानकारी दी कि लाइव कवरेज में सरकार पक्षपात कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह पहले भी आपत्ति जता चुके हैं। लाइव कवरेज के दौरान सभी दलों के नेताओं को प्रमुखता मिलनी चाहिए।
उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि मामले में विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को हस्तक्षेप करना चाहिए। विधानसभा की कार्रवाई की लाइव कवरेज संसद की तरह ही होनी चाहिए। बाजवा के साथ ही कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा ने भी इस मुद्दे पर आपत्ति जताई है।
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उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल पर एक तस्वीर साझा की है, जिसमें कवरेज के दौरान सत्ताधारी दल के विधायक अमन अरोड़ा पर फोकस किया गया है, लेकिन जब विपक्ष में बैठे नेता बोलते हैं तो उन्हें दूर से दिखाया जाता है। इस दौरान उनकी सिर्फ आवाज ही सुनाई देती है।
सरकार करती है लाइव कवरेज
पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान इस बार लाइव कवरेज की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की है। सत्र की लाइव कवरेज को पंजाब सरकार के सोशल मीडिया पेज पर लाइव दिखाया जा रहा है। इसका सारा इंतजाम पंजाब सरकार का होने के कारण विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं।