लॉरेंस बिश्नोई के पुलिस हिरासत में खरड़ के सीआईए थाने में हुए इंटरव्यू को लेकर दर्ज एफआईआर में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एसआईटी प्रमुख को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि आपको कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल करने की इतनी क्या जल्दी थी, अब अगली सुनवाई पर केस की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने पर विचार किया जाएगा।
इससे पहले मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान एसआईटी ने लॉरेंस के इंटरव्यू को लेकर जांच की रिपोर्ट सौंपी थी। साथ ही इसमें अधिकारियों की लापरवाही व कोताही के बारे में भी जानकारी दी थी। कोर्ट को बताया गया था कि जांच की अंतिम रिपोर्ट अदालत में सौंप दी गई है। हाईकोर्ट ने जांच पर एसआईटी की पीठ थपथपाते हुए सुनवाई 28 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी थी।
वहीं, बुधवार को कोर्ट के संज्ञान में आया कि एसआईटी ने इस मामले में निचली अदालत में 9 अक्तूबर को कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी है। ऐसे में सभी पक्षों की सहमति से केस को बुधवार को ही सुनने का निर्णय लिया गया। करीब साढ़े 12 बजे सुनवाई शुरू हुई तो हाईकोर्ट ने एसआईटी प्रमुख को फटकार लगाते हुए कहा कि आखिर क्यों मंगलवार को हाईकोर्ट को नहीं बताया गया था कि कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की गई है। इस मामले में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाने के बाद आखिर क्यों इतनी जल्दबाजी में कैंसिलेशन रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की गई और आखिर क्यों हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर सूचित नहीं किया गया।
हाईकोर्ट ने अब एसआईटी को आदेश दिया है कि जांच की रिपोर्ट हरियाण, पंजाब व केंद्र सरकार सहित कोर्ट का सहयोग कर रही एडवोकेट को सौंपा जाए। हाईकोर्ट अगली सनुवाई पर केस को केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने पर निर्णय लेगा। वहीं, निचली अदालत में मामले की सुनवाई पर भी रोक लगा दी गई है।