दिवाली पर मन और घर की शांति के लिए या किसी को गिफ्ट देने के लिए ये चीज खरीद सकते हैं। वैरायटी और डिमांड इतनी ज्यादा है कि हर जगह मिल जाएगी। बुद्ध की मूर्तियां, इनकी मांग लक्ष्मी और गणेश से काफी ज्यादा है। इस समय शहर में मिट्टी से बनी 90 प्रतिशत शांति के प्रतीक महात्मा बुद्ध की मूर्तियां बिक चुकी है जबकि कई विक्रेताओं के पास महात्मा बुद्ध की मूर्तियां खत्म भी हो गई है।
इस समय मलोया के प्रवेश द्वार और सेक्टर-24 के हिमाचल भवन के बाहर मिट्टी से बनी मूर्तियां और दीये का सबसे बड़ा बाजार लगा हुआ है। जहां पर महात्मा बुद्ध के बाद गणेश की मूर्तियां ज्यादा बिक रही है। विक्रेताओं का कहना है कि लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां लोग अपने घर पर दिवाली पर पूजा के लिए खरीदते है जबकि महात्मा बुद्ध की मूर्तियां लोग अपने दोस्तों, करीबियों और रिश्तेदारों को दिवाली पर गिफ्ट करने के लिए खरीदते हैं।
जबकि कुछ लोग अपने ड्राइंग रूम की शान बढ़ाने के लिए खुद भी महात्मा बुद्ध की मूर्तियां खरीद रहे हैं। महात्मा बुद्ध की मूर्तियां कई रंग और किस्मों में है। इसके अलावा रंग बिरगें गमले, पोट और अलग अलग किस्म के दिये भी बिक रहे हैं। खरीददारी करने आए लोगों का कहन है कि महात्मा बुद्ध की मूर्ति घर पर रखने से मन शांत रहता है।
कोलकाता से आ रही है मूर्तियां
विक्रेता कृष्ण कुमार का कहना है कि यहां पर सभी मूर्तियां कोलकाता से ही आती है जबकि पेंट यहां पर वह खुद करते हैं। कृष्ण कुमार ने यह भी बताया कि मूर्तियों को बनाने के लिए जो काली मिट्टी लगती है वह कोलकाता में ही मिलती है। जबकि चंडीगढ़ की मिट्टी से गमलों और दीये ही बनते हैं। 500 से लेकर तीन हजार रुपये तक हर साइज की बड़ी संख्या में लोग महात्मा बुद्ध की मूर्तियां खरीद रहे हैं।
उनकी दुकान के सभी महात्मा बुद्ध बिके
सेक्टर-24 में कई सालों में मिट्टी के सामान बेचने वाले महिला विक्रेता राज बाला मलिक ने कहा कि दुकान के सभी महात्मा बुद्ध की मूर्तियां बिक चुकी है जो पड़ी हुई है वह लोगों के ही बुकिंग के आर्डर पड़े हुए हैं।
आखिर लोग क्यों खरीद रहे हैं महात्मा बुद्ध की मूर्तियां
पूर्व मेयर राज बाला मलिक का कहना है कि महात्मा बुद्ध की मूर्तियां शांति और ज्ञान का प्रतीक है इससे घर का माहौल सकारत्मक बना रहता है और महात्मा बुद्ध की मूर्ति देखकर अगर गुस्सा भी आ रहा होता है तो वह भी शांत हो जाता है। उन्होंने बताया कि वह दीपावली के अलावा भी महात्मा बुद्ध की मूर्तियां गिफ्ट करती है।
एक सप्ताह पहले खदेड़ा जा रहा था
सेक्टर-24 में गमलों पर पेंट करवाने आए पूर्व डिप्टी मेयर बलराज सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पहले मिट्टी का सामान बनाकर बेचने वाले कुम्हारों को यहां से पुलिस द्वारा खदेड़ा जा रहा था जबकि पीएम मोदी हस्तकला को प्रोत्साहन देने की बात करते है।