चंडीगढ़ में देर रात (रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक) विषम परिस्थितियों में फंसी महिला को यूटी पुलिस की पीसीआर घर छोड़कर आएगी। यह सुविधा ट्राइसिटी के लिए उपलब्ध होगी।
पहले यह सुविधा केवल चंडीगढ़ शहर के लिए उपलब्ध है लेकिन इस बार इसका विस्तार कर ट्राइसिटी तक कर दिया है। लेकिन पिछले एक साल में मात्र सात महिलाओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया था।
पीसीआर में होंगी महिला स्टॉफ
एसपी रोशनलाल ने बताया कि पीसीआर में मेन ड्राइवर के अलावा दो लेडीज कांस्टेबल तैनात होंगी। उनकी विशेष जिम्मेवारी महिलाओं को सेफ छोड़ने की होगी। वहीं, तीनों डिवीजन में अलग-अलग 3 ऐसी पीसीआर चलाई जा रही हैं।
रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच अगर कोई महिला अकेली है और उसको घर जाने के लिए कोई सवारी नहीं मिलती है तो ऐसे में वह 100 नंबर और पांच अन्य नंबरों पर काल कर पीसीआर से सहायता की मांग करेगी।
इसकी सेवा वर्किंग महिलाएं, बाहर से आई महिलाएं और किसी की गाड़ी छूट जाए, ऐसी महिलाएं विशेषतौर पर इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। पीसीआर पुलिस जहां से महिलाओं को लिफ्ट देगी, वहां कंट्रोल रूम में एंट्री हो जाएगी। इसके बाद घर पर छोड़ने के बाद उसकी दोबारा से कंट्रोल रूम में एंट्री होगी।
एक साल में सिर्फ सात महिलाओं ने ली सुविधा
एसपी ने बताया कि यह सुविधा सिर्फ चंडीगढ़ में सीमित नहीं है। अगर किसी महिला को चंडीगढ़ से होकर पंचकूला या मोहाली जाना है तो पीसीआर छोड़कर आएगी। लेकिन, सेवा सिर्फ शहरी इलाके तक ही मिलेगी। पुलिस विभाग के इस सेवा की जानकारी ज्यादा लोगों के पास तक नहीं पहुंच पाई है। शायद इसी वजह से साल 2015 में अभी तक सिर्फ सात महिलाओं ने इसका उपयोग किया है।
कोट
यूटी पुलिस ने लेट नाइट महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर इस सेवा का शुभारंभ किया है। किसी तरह की परेशानी होने के बाद टाइमिंग समय में इस पीसीआर सेवा की मदद लिया जा सकता है।
रोशनलाल