पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल नमित अंतिम अरदास एवं श्रद्धांजलि समागम में केंद्र से गृह मंत्री अमित शाह सहित विभिन्न राज्यों के मौजूदा व पूर्व मंत्रियों सहित हजारों लोग पहुंचे और बादल को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
इस दौरान अपने संबोधन में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पूर्व सीएम बादल के निधन से सिर्फ पंजाब ही नहीं समग्र देश की राजनीति व सामाजिक नीति क्षेत्र को कभी न पूर्ण होने वाला घाटा हुआ है। बादल के निधन से जो शून्यता पैदा हुई है वो लंबे अरसे तक नहीं भरी जा सकेगी। बादल के जाने से सिख पंथ ने सच्चा सिपाही खो दिया है। देश ने देशभक्त खो दिया है। किसानों ने सच्चा हमदर्द खो दिया है।
शाह ने कहा कि इतना लंबा सार्वजनिक जीवन जीने के बाद कोई दुश्मन न हो, ऐसा अजातशत्रु जीवन बादल के अलावा किसी ने नहीं जिया होगा। अमित शाह ने कहा कि वे जब भी बादल से मिलते थे, कुछ न कुछ नया सीखते थे। दल तो उनके अलग-अलग थे, मगर वे राजनीतिक जीवन में अच्छी सलाह देते थे, जो महामानव के सिवाए कोई नहीं दे सकता था। वे पारदर्शिता के साथ हर सलाह देते थे।
बादल हमेशा भाईचारक सांझ मजबूत करने में जुटे रहे
प्रकाश सिंह बादल के जाने के बाद से भाईचारे का सरदार चला गया। बादल ने पूरा जीवन हिंदू-सिख एकता को समर्पित कर दिया था। राजनीति में विरोधों के बावजूद भाईचारक सांझ मजबूत करने में जुटे रहे। सुखबीर बादल बता रहे थे कि गांव बादल में मंदिर, मस्जिद व गुरुद्वारा भी बादल का बनवाया हुआ है। ऐसा व्यक्ति कहीं नहीं मिलेगा। देश के लिए खड़ा होने का मौका आया तो बादल ने पीठ नहीं दिखाई। इमरजेंसी के खिलाफ भी बादल चट्टान की तरह खड़े रहे। वे बेहद छोटे थे, लेकिन उन्होंने अपने बड़े बुजुर्गों से ऐसा सुना था। बादल का जाना समूचे देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। सिर्फ बादल परिवार के लिए नहीं बल्कि देश के लिए अपूर्णीय क्षती है। उन्होंने बादल के जीवन से सभी को प्रेरणा लेने को कहा।
कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच सुबह दस बजे से बाद दोपहर करीब तीन बजे तक चले इस श्रद्धांजलि समागम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना, पूर्व राज्यसभा सदस्य बलविंदर भुंदड़, हरियाणा के पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला, बसपा प्रदेश अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी, पूर्व अध्यक्ष अवतार सिंह करीमपुरी, डेरा राधा स्वामी ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों, एसजीपीसी अध्यक्ष एजवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, सचखंड श्री दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी जगतार सिंह, असम से एजीपी के अध्यक्ष अब्दुल वोहरा समेत अनेकों दिग्गज मौजूद रहे।
समागम से पहले सुबह बादल निवास पर चल रहे पाठ का भोग डाला गया। रस्म पगड़ी की रस्म करते हुए सुखबीर सिंह बादल को पगड़ी पहनाई गई। उसके बाद समागम में रागी सिंहों ने कीर्तन किया। बारह बजे अरदास हुई। अरदास के बाद दिग्गजों ने बादल को भाव-भीनी श्रद्धांजलि भेंट की।
वक्ताओं ने पूर्व सीएम के जीवन पर चर्चा करते हुए उन्हें याद किया। पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने बादल परिवार की ओर से आए सभी दिग्गजों व आम लोगों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पारिवारिक सदस्यों की ओर से पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल, पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया भी मौजूद थे। मंच संचालन पूर्व शिक्षा मंत्री एवं शिअद के मुख्य प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने किया।