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Chandigarh News: दो नन्ही बेटियों और पति के भोग के दिन जिंदगी की जंग हार गईं लक्ष्मी

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चंडीगढ़। दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे-44 पर बीते तीन नवंबर की रात अचानक अर्टिगा कार में आग लगने से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) के प्रोफेसर संदीप और दो बेटियों की मौत हो गई थी। इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसी प्रोफेसर संदीप की पत्नी लक्ष्मी, मां सुदेश और भाभी आरती का पीजीआई में इलाज चल रहा था। रविवार को दो नन्ही बेटियों परी (6) व खुशी (10) और पति संदीप के भोग के दिन लक्ष्मी भी जिंदगी की जंग हार गईं। लक्ष्मी ने रात ढाई बजे पीजीआई की बर्न यूनिट में दम तोड़ा। इसकी खबर मिलते ही एक बार फिर परिवार में मातम छा गया। इसके बाद सेक्टर-7 स्थित आवास के नजदीक पार्क में रखा गया भोग का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। हादसे में परिवार के सभी चारों सदस्यों के निधन से हंसता खेलता परिवार बिखर गया।
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बता दें कि प्रोफेसर डॉ. संदीप अपनी पत्नी लक्ष्मी, दो बेटियों परी व खुशी, मां सुदेश, भाई सुशील व उनकी पत्नी और बेटे के साथ दिवाली मनाने के लिए सोनीपत जिले में अपने पैतृक गांव रहमाणा गए थे। तीन नवंबर को वापस चंडीगढ़ सेक्टर-7 स्थित अपने घर लौटते समय शाहबाद के नजदीक चलती गाड़ी में अचानक आग लग गई थी। आग लगने के कारण गाड़ी ऑटोमेटिक लॉक हो गई और दरवाजे नहीं खुल पाए। इससे गाड़ी में बैठे सभी लोगों का दम घुटने लगा। जिस जगह यह हादसा हुआ, आसपास कोई नहीं था, जिससे मदद भी नहीं मिल सकी। इसी बीच सुशील ने जैसे-तैसे कार का एक दरवाजा खोला और परिवार के लोगों काे बाहर निकालना शुरू किया लेकिन तब तब बहुत देर हो चुकी थी। बड़े भाई संदीप के साथ दोनों भतीजियां बेसुध हो चुकी थीं। उनकी पत्नी, मां, बेटा व भाभी भी बुरी तरह झुलस गए थे। कुछ देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तुरंत आदेश अस्पताल पहुंचाया, जहां प्रो. संदीप व उसकी दोनों बेटियां परी व खुशी को मृत घोषित कर दिया गया था, जबकि संदीप की पत्नी लक्ष्मी व मां सुदेश को गंभीर हालत में पीजीआई रेफर कर दिया गया था। घायल भाई सुशील की पत्नी व बेटे को दो दिन बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। बीते पांच नवंबर काे प्रो. संदीप व उनकी दोनों बेटियों का सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में एक साथ संस्कार किया गया था।
बुजुर्ग मां की हालत बनी है गंभीर
लक्ष्मी अपने पति व दोनों बेटियों के अंतिम संस्कार से पहले आखिरी बार चेहरा तक नहीं देख पाई थीं क्योंकि वह खुद अपनी सास के साथ जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। प्रो. संदीप व उनकी बेटियों का रविवार को सेक्टर-7 स्थित आवास के नजदीक भाेग रखा गया था। इसके लिए शनिवार शाम को पार्क में टेंट भी लगा दिया गया था। सेक्टर में स्थित कम्युनिटी सेंटर में पहले से एडवांस बुकिंग होने के कारण स्थानीय पार्षद की मदद से पार्क में भाेग के लिए बुकिंग करवाई गई थी लेकिन शनिवार रात आई खबर ने सबको झकझोर दिया। वहीं, बुजुर्ग मां सुदेश की हालत गंभीर बनी है। वहीं, प्रोफेसर के भाई की पत्नी को पांच नवंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। रविवार सुबह सात बजे परिजनों व रिश्तेदारों को सूचना देने के बाद भाेग का कार्यक्रम टाल दिया गया। सोमवार सुबह शाहबाद थाना पुलिस की ओर से कागजी कार्रवाई के बाद मृतका का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
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शाहबाद थाने के एसएचओ सतीश कुमार ने बताया कि पीजीआई से रविवार सुबह रुक्का मिला है कि आग की घटना में झुलसी महिला लक्ष्मी की उपचार के दौरान मौत हो गई है। मृतका का पोस्टमार्टम सोमवार सुबह करवाया जाएगा। जली हुई गाड़ी की जांच चल रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उसमें आग लगने की मुख्य वजह क्या थी।
हाईकोर्ट में वकील थीं लक्ष्मी
करीब एक दशक पहले सुरेंद्र के बड़े बेटे संदीप को चंडीगढ़ विवि में प्रोफेसर की नौकरी मिली थी। संदीप की शादी सोनीपत के गांव खांडा की लक्ष्मी से हुई थी। लक्ष्मी ने खानपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की शिक्षा ग्रहण की थी। वह भी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत कर रही थी। संदीप की मां सुदेश गृहिणी हैं। उनका भाई सुशील चंडीगढ़ में ही चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट यूनिट में चालक हैं और उनकी पत्नी आरती निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। यश (10) उनका बेटा है।
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