चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को निरीक्षण करने का निर्देश दिया कि वे जांचें कि पंजाब सरकार मोहाली में न्यायिक एवं कार्यकारी अधिकारियों के आवास के लिए जो फ्लैट खरीद रही है, वे उपयुक्त हैं या नहीं।
जिला बार एसोसिएशन मालेरकोटला ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पंजाब-हरियाणा के जिला न्यायालयों में जगह की कमी एवं न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास से संबंधित दो जनहित याचिकाएं दाखिल की थीं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार ने मोहाली में 167 प्रीमियम फ्लैट खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि मोहाली में तैनात न्यायिक एवं कार्यकारी अधिकारियों के आवास के लिए इसे उपलब्ध कराया जा सके। हाईकोर्ट ने कहा कि क्या ये फ्लैट अधिकारियों के लिए उपयुक्त हैं, यह जानना जरूरी है। ऐसे में रजिस्ट्रार जनरल को निरीक्षण करने का हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों के आवास के लिए फ्लैट बनाने के लिए भूमि खरीदने की प्रक्रिया में है। प्रस्तुतिकरण से असंतुष्टि व्यक्त करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक रूप से कहा कि हरियाणा में न्यायिक अधिकारियों के आवास के लिए नए फ्लैट बनाने में वर्षों लगेंगे, खाली पड़े मकानों की पहचान की जाए। नवंबर में हाईकोर्ट ने कहा था कि न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास की कमी न्याय प्रशासन की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है, खासकर तब, जब सिविल जजों का नया बैच दो महीने के भीतर शामिल होने वाला है।