कुंवर विजय प्रताप सिंह के खिलाफ दी गई शिकायत का पिछले सप्ताह कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया था। कांग्रेस ने आयोग से अपील की थी कि वह अकाली दल की शिकायत पर संज्ञान न ले। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ और प्रदेश के तीन कैबिनेट मंत्री इस संबंध में आग्रह पत्र लेकर पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी से मिले थे।
कांग्रेस का कहना था कि कुंवर विजय प्रताप सिंह बहुत अच्छी तरह काम कर रहे हैं और उन्हें एसआईटी से अलग किए जाने से जांच का काम प्रभावित हो सकता है।
कुंवर विजय प्रताप आईजी काउंटर इंटेलिजेंस नियुक्त
चुनाव आयोग के आदेशानुसार पंजाब सरकार ने एसआईटी के सदस्य आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह को तुरंत प्रभाव से एसआईटी से हटाते हुए उन्हें अमृतसर में आईजी काउंटर इंटेलिजेंस नियुक्त कर दिया है। राज्य सरकार ने उन्हें पंजाब पुलिस की नोडल एजेंसी में तैनात कर दिया है, जिसका काम जासूसी और खुफिया गतिविधियों पर नजर रखना है।
इस नोडल एजेंसी का कामकाज किसी भी रूप में वोटर को प्रभावित नहीं करता है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि चुनाव आयोग ने कहा था कि आईजी को राज्य में लोकसभा चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव को प्रभावित करने वाले किसी भी पद पर नियुक्त न किया जाए।