बठिंडा। कुल्लू बस हादसे में मरे बठिंडा के सात
लोगों में छह का शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। छह गंभीर घायलों का
चंडीगढ़ पीजीआई में उपचार चल रहा है। बाकी 15 लोगों के बारे में 48 घंटे
बीत जाने के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। वहीं केवल सिंह निवासी
लेलेवाला शनिवार को घर लौट आया। केवल सिंह ने बताया कि बस के नदी में गिरने
से पहले ही वह बाहर कूद गया था, जिसके कारण उसका बचाव हो गया। हादसे में
मरी महिला अमरजीत कौर निवासी जगाराम तीर्थ की डेड बॉडी शनिवार को भी बठिंडा
नहीं पहुंची। वहीं रविवार सुबह केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल पीड़ितों
से मिलने गांव लेलेवाला पहुंचेंगी।
शनिवार को जिन मृतकों का अंतिम
संस्कार किया गया उनमें गांव महराज के रिटायर्ड एएसआई गुरबख्श सिंह, उनकी
पत्नी अंग्रेज कौर, गांव जगा राम तीर्थ की बंत कौर और मनजीत कौर और गांव
लेलेवाला की बलजीत कौर और शेर सिंह शामिल हैं। इस दौरान गांवों में सन्नाटा
पसरा रहा और बाजार बंद रहे। कुल्लू में गए बठिंडा, मानसा और बरनाला के
तहसीलदारों की टीमें वहां के लोकल प्रशासन के साथ मिलकर लापता लोगों को
ढूंढने में जुटी हुई हैं।
डीसी ने किया गांवों का दौरा
गांव
लेलेवाला और जगाराम तीर्थ के जो लोग घर लौट रहे हैं, उन पर जिला प्रशासन
पूरी तरह से नजर रखे हुए हैं। डीसी ने सेहत विभाग को इन लोगों की मदद के
लिए सख्त हिदायत जारी भी की हैं। शनिवार को डीसी डॉ. बसंत गर्ग और एसडीएम
दमनजीत सिंह मान ने गांवों का दौरा किया और पीड़ित परिवारों को हर तरह की
सहायता देने का आश्वासन दिया।
संदीप को पीजीआई से मिली छुट्टी
गांव
लेलेवाला के सरपंच मेजर सिंह ने बताया कि उनके गांव की संदीप कौर इस हादसे
में गंभीर घायल हो गई थी। उसके पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई
थी। उसे चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती करवाया गया था जहां से शनिवार को उसे
छुट्टी मिल गई है। इसी गांव का केवल सिंह भी गांव लौट आया है और फिलहाल
सदमे में है।